ब्रेकिंग
CGSSB Lecturer Vacancy 2026: 8 विषयों में होगी शिक्षकों की भर्ती; 29 नवंबर को संभावित परीक्षा, व्याप... Durg Crime News: कॉलेज की फीस भरने के लिए बने चैन स्नेचर; दुर्ग में इंजीनियरिंग के दो छात्र-छात्रा ग... Korba News: छोटे भाई को बचाने भालू से भिड़ा बड़ा भाई! छातीबहार के जंगल में हादसा, एनजीओ की लापरवाही ... Janjgir Gambling Raid: बनारी में सूने मकान में चल रहा था हाई-प्रोफाइल जुआ; पुलिस ने निकाला कारोबारिय... Durg Cylinder Theft Case: 36 भरे एलपीजी सिलेंडर चोरी करने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे; खरीदने वाल... Lesliganj Robbery Attempt: ग्राहक सेवा केंद्र में घुसे दो हथियारबंद लुटेरे; मां-बेटे ने जमकर की धुना... Karma Puja 2026: मांदर की थाप पर थिरका झारखंड; करमा पर्व की पूर्व संध्या पर रांची में सांस्कृतिक कार... State Level Nehru Hockey Tournament: रांची में सिमडेगा का दबदबा; अंडर-17 में सिमडेगा और अंडर-15 में ... Ranchi News: त्योहारों पर जरूरी सामानों की न हो किल्लत; रांची चैंबर ने एसएसपी से मांगी नो-एंट्री समय... Jhasa vs Yogendra Sau: हजारीबाग सीओ से बदसलूकी मामले में भड़का प्रशासनिक सेवा संघ; डीसी से की कार्रव...
पंजाब

ब्यास दरिया से लगते गांवों में बाढ़ की स्थिति भयंकर, प्रशासन व लोगों की उड़ी नींद

तरनतारन : कई दिनों से पहाड़ी इलाकों और राज्य भर में हो रही लगातार बारिश ने दरिया किनारे रहने वाले लोगों को भारी नुक्सान पहुंचाया है, वहीं विभिन्न शहरों में आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ब्यास दरिया की बात करें तो सोमवार दोपहर तक हरिके हैड वर्क्स में पहुंचे 2 लाख 85 हजार क्यूसिक पानी में से हुसैनी वाला डाउनस्ट्रीम के लिए 2 लाख 68 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया।

लगातार हो रही बारिश के कारण ब्यास दरिया में जलस्तर और बढ़ने के आसार हैं, जिससे बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है जिसने प्रशासन और लोगों की नींद उड़ा रखी है। इसी बीच गांव मरड़ में 500 फुट लंबा तटबंध टूट गया है जिससे ग्रामीणों में काफी दहशत है और प्रशासन व ग्रामीण इसे ठीक करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

मौसम विभाग ने कुछ दिन पहले रेड अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि आने वाले दिनों में लगातार बारिश के कारण लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। विभाग द्वारा की गई यह भविष्यवाणी सच होती दिख रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण दरिया-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ब्यास दरिया के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांव हर साल जलभराव के कारण बर्बादी की कगार पर पहुंच जाते हैं, क्योंकि ब्यास दरिया के पानी के कारण किसानों की हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जिससे जलस्तर नीचे जाने के बाद खेतों में आई रेत को हटाने में किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

Related Articles

Back to top button