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पश्चिम बंगालः मालदा में मुसलमानों ने किया हिंदू शव का अंतिम संस्कार, पेश की एकता की मिसाल

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की एकता  मिशाल पेश की है। दरअसल, मालदा में एक 90 वर्षीय हिंदू व्यक्ति की मौत गई थी। उसका अंतिम संस्कार उसके मुस्लिम पड़ोसियों ने किया। बिनय साहा का निधन 8 अप्रैल को हुआ था। उनका शव बास की बनी अर्थी पर रखा था। इसी दौरान कुछ मुस्लिम पड़ौसियों ने आकर शव को कंधा दिया। चेहरे पर मास्क लगाए यह इन लोगों ने रास्ते में ‘बोलो हरि, हरि बोल’ और ‘राम नाम सत्य है’ का जाप करते गए।

लोयटटोला गांव के रहने वाले बिनय साहा के मुस्लिम पड़ोसी उसके शव को लेकर लेकर शमशान घाट की ओर चल दिए जोकि गांव से 15 किमी की दूरी पर था। इस शवयात्रा में कमल के दोस्त, पड़ोसी और साहा के बेटा श्यामल शामिल था।

श्यामल ने बताया कि पिता की मौत वृद्धावस्था की बीमारियों से हुई थी। हमें चिंता इस बात की थी कि लॉकडाउन के दौरान उनका अंतिम संस्कार कैसे किया जाएगा। हमारा कोई रिश्तेदार नहीं आ पाएगा। लेकिन फिर हमारे पड़ोसी आगे आए और सबकुछ ठीक ठाक हो गया।

श्यामल के एक पड़ोसी सद्दाम शेख ने बताया कि सहस पिछले 20 सालों से गांव में रह रहा है। सद्दाम ने कहा, ” मंगलवार को सबसे पहले बिनय साहा की मौत के बारे में उसे पता चला था। हम गांव के लोग अपना कर्तव्य निभाते हैं। कोई भी धर्म मानवता से बड़ा नहीं है।” पंचायत प्रधान रजिया बीबी ने कहा, “हमारे विश्वास के बावजूद, हम एक साथ रहते हैं।

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