ब्रेकिंग
Nomadic Elephant 2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास, रूम इंटरवेंशन और बोख कुश... Yogi Adityanath Delhi Visit: पीएम मोदी और जेपी नड्डा से मिले सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी चुनाव और संगठ... सोशल मीडिया पर दिखावा पड़ा भारी: यूट्यूबर मधुमिता के घर से ₹1 करोड़ के सोने-हीरे के जेवर चोरी Delhi Festive Preparations: रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर्व के लिए दिल्ली सरकार ने बनाई 3 विशेष समित... वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई बेहद आसान: अब दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, घर आएंगे BLO मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गरमाई सियासत: राहुल गांधी ने साझा किया जिजी थॉमसन का दावा UKSSSC VPDO Scam: 2016 भर्ती घोटाले में हरीश रावत से ईडी ने किए सवाल-जवाब, कांग्रेस ने बताया बदले की... Sambhal News: आचार्य प्रमोद कृष्णम को बब्बर खालसा से जुड़ी धमकी, विदेशी नंबर से ऑडियो कॉल; गृह मंत्र... Roorkee News Today: रुड़की में दोहरे हत्याकांड से सनसनी, गांव में भारी पुलिस बल तैनात; एसएसपी बोले- ... Election Commission Reforms: चुनाव आयोग में पारदर्शिता की नई पहल, SIR प्रोसेस, ECINet और अधिकारियों ...
उत्तरप्रदेश

‘किन्नर पालेंगे बच्चा’… जन्म लेते ही मां ने नवजात को सौंपा, बाद में उठा लाई पुलिस; DM के पास पहुंचा केस

उत्तर प्रदेश के हाथरस से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां आर्थिक तंगी से जूझ रही एक मां ने अपने नवजात शिशु को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ममता नाम के किन्नर को सौंप दिया. हालांकि स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति जताई. इसके बाद पुलिस ने बच्चे को बरामद कर चाइल्ड लाइन संस्था के सुपुर्द कर दिया है.

पूरा मामला हाथरस जिले के थाना सदर कोतवाली क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक, लाला का नगला निवासी मंजू रानी के पति डेविल की आकस्मिक मौत हो जाने के बाद से वह आर्थिक तंगी से जूझ रही थी. इस समय मंजू रानी एक से दो माह की गर्भवती थीं.

मां ने नवजात को किन्नर को सौंपा

इसी दौरान मंजू रानी की मुलाकात शाहपुर कला निवासी ममता नाम के किन्नर से हुई. मंजू ने अपनी मजबूरी और बच्चे के भविष्य को लेकर ममता से बात की. इस पर ममता किन्नर ने बच्चे के जन्म के बाद उसे गोद लेने की बात कही. बच्चे का जन्म होने पर बाकायदा कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और बच्चा ममता किन्नर को सौंप दिया गया.

लोगों ने जताई आपत्ती

मामले की जानकारी होने पर स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और इसकी शिकायत पुलिस से कर दी. शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और बच्चे को ममता किन्नर के पास से बरामद कर लिया. डॉक्टरों से जांच कराने के बाद नवजात को चाइल्ड लाइन संस्था को सौंप दिया गया. मामला तूल तब पकड़ गया जब बच्चे को वापस पाने के लिए किन्नर समाज के लोग जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे और अपना पक्ष रखा.

फिलहाल मामला प्रशासन के पास है और जांच जारी है. इस घटना ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर किन हालातों ने एक मां को अपना बच्चा किसी दूसरे को सौंपने जैसा बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया? क्या यह सिर्फ आर्थिक तंगी थी, या फिर कुछ और?

Related Articles

Back to top button