ब्रेकिंग
Uttarakhand Disaster Management Model: ब्रिक्स देशों ने मानी उत्तराखंड की धाक; आपदा प्रबंधन मॉडल की ... Akshay Kumar Charity: क्या अक्षय कुमार सिर्फ पैसा कमाने के लिए करते हैं फिल्में? एक्टर ने चैरिटी के ... Manav Suthar Test Debut: टेस्ट डेब्यू पर 6 विकेट लेकर रचा इतिहास; मानव सुथार ने 18 साल का सूखा किया ... Israel-Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ा युद्ध का खतरा; क्या नेतन्याहू की जंग की जिद बन रही है ... Gold-Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट; जानें क्या है आज का नया भाव Environmental Impact of AI: एआई की बढ़ती मांग से बढ़ रहा जल संकट; 2027 तक हालात हो सकते हैं गंभीर Kalashtami Vrat 2026: कालाष्टमी पर काल भैरव देव की विशेष पूजा; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व Banarasi Kachori Sabji Recipe: घर पर बनाएं बनारस का प्रसिद्ध नाश्ता; कचौड़ी-सब्जी बनाने की आसान विधि MP Rajya Sabha Election 2026: तीसरी सीट पर भाजपा का दांव; महेश केवट के नामांकन के बाद बढ़ी सियासी हलच... Earthquake in Northeast: भूटान के पास 5.7 तीव्रता का जोरदार भूकंप; सिक्किम और बंगाल तक महसूस किए गए ...
टेक्नोलॉजी

गांव, शहर और आसमान… हर जगह मिलेगा तेज इंटरनेट, 2030 में रोलआउट होगा 6G!

जहां एक ओर अभी बहुत से देश 5G टेक्नोलॉजी को अपनाने की प्रक्रिया में है तो वहीं दूसरी ओर भारत ने 6G की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है. IIT Hyderabad ने 6जी टेक्नोलॉजी का प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है जिसका 7 गीगाहर्ट्ज पर परीक्षण किया गया. ये परीक्षण सफल रहा है जिससे भारत को 6जी के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. आईआईटी हैदराबाद भारत की 6G टेक्नोलॉजी की यात्रा में आगे है. विभिन्न सरकारी संस्थानों और विभागों के सहयोग से आईआईटी हैदराबाद ने 7 गीगाहर्ट्ज़ बैंड में 6G प्रोटोटाइप का सफर परीक्षण किया है.

आईआईटी की प्रमुख दूरसंचार शोधकर्ता प्रोफेसर किरण कुची ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) हैदराबाद का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत 6जी टेक्नोलॉजी को आकार देने में न केवल भागीदार बल्कि एक प्रमुख खिलाड़ी बने. किरण कुची का कहना है कि 6जी टेक्नोलॉजी के 2030 तक रोलआउट होने की उम्मीद है.

हर जगह मिलेगा फास्ट इंटरनेट

प्रोफेसर कुची के अनुसार, 6G तकनीक न केवल मौजूदा 5जी की तुलना तेज होगी बल्कि इस नई तकनीक की वजह से आसमान, गांव, शहर, समंदर, जमीन हर जगह लोगों को हाई स्पीड कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा. IIT हैदराबाद की प्रोफेसर किरन कुची का कहना है कि हर एक दशक बाद न्यू जेनरेशन मोबाइल टेक्नोलॉजी दुनिया के सामने आती है. 2010 से 2020 के बीच 5G टेक्नोलॉजी को डेवलप किया गया था और 2022 से इस तकनीक का देशभर में विस्तार होना शुरू हो गया. 2021 से 6जी प्रोटोटाइप को बनाने की शुरुआत हो गई थी और 2030 तक इसके रोलआउट होने की संभावना है.

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी हैदराबाद ने 6G टेक्नोलॉजी के लिए लो पावर सिस्टम चिप को डिजाइन किया है. फिलहाल, IIT हैदराबाद 6GAI हाई परफॉर्मेंस चिप को तैयार करने की कोशिश कर रहा है. 2030 में जब 6G को दुनिया अपनाना शुरू करेगी, उस वक्त भारत भी खुद की टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट्स और खुद के इकोसिस्सटम के जरिए Viksit Bharat 2047 विजन के और करीब पहुंचने की कोशिश करेगा.

Related Articles

Back to top button