ब्रेकिंग
Ganesh Visarjan Vastu Tips: बप्पा की विदाई के बाद नारियल के इन अचूक उपायों से घर में बरसेगी मां लक्ष... Air Travel Costly News: बिना साथी बच्चों और इन्फेंट ट्रेवल फीस में भारी बढ़ोतरी, जेब पर पड़ेगा सीधा ... Ujjain RSS Chief Visit: धर्म किसी को बांधता नहीं, मुक्त करता है; उज्जैन युवा धर्म संसद में पहुंचे सं... Guna Theme Road Project: गुना में ₹30 करोड़ से बनेगी 7 किमी लंबी थीम रोड; ज्योतिरादित्य सिंधिया ने क... Mahakaleshwar Ujjain News: अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार उज्जैन पहुंचे नितिन नबीन; शिप्रा तट पर दीप उ... Delhi Crime News: कड़कड़डूमा कोर्ट के पुराने आदेश में संशोधन, रेप पीड़िता की याचिका पर हाई कोर्ट की ... Delhi-Gurugram Crime News: युवराज हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उसक... Haribabu Murder Case Update: पत्नी की मौत के बाद जमानत पर छूटे पति की सरेआम हत्या, आरोपी साले ने वीड... J&K Majalta Encounter: मलताजा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, M4 और AK-47 समेत भारी मात्... Bareilly GRP Action: चलती ट्रेन में कोच अटेंडेंट ने की सोने की चेन चोरी, आपस में बांटे तीन टुकड़े; प...
उत्तरप्रदेश

दालमंडी में हड़कंप! अचानक ध्वस्त की गईं 13 दुकानें, दुकानदारों का हंगामा- ‘प्रशासन ने नहीं दी मोहलत’

उत्तर प्रदेश के वाराणसी के दालमंडी में ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई की गई. एक भवन और 13 दुकानों को एक साथ ध्वस्त किया गया. इस दौरान पुलिस और लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई. शाम छह बजे भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के निर्देश पर दालमंडी के गोविंदपुरा में हैमर और ड्रिल मशीन से भवन संख्या 43/140 पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई

इसमें मोबाइल एसेसरीज की 13 दुकानें थीं. लक्ष्मी कटरा नाम से मशहूर मोबाइल एसेसरीज की 13 दुकानें और एक भवन का मुआवजा एक करोड़ दस लाख दिया गया. ये मुआवजा पीयूष ओझा और उनके तीन हिस्सेदारों को दिया गया. लक्ष्मी कटरा में पिछले 80 साल से दुकान चला रहे लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें ध्वस्तीकरण से पहले सामान निकालने के लिए कुछ घंटों की मोहलत तक नहीं दी गई.

सामान हटाने की भी नहीं दी गई मोहलत

मोहम्मद शोएब की मोबाइल एसेसरी की दुकान से ये कार्रवाई शुरू हुई. मोहम्मद शोएब ने टीवी 9 डिजिटल को बताया कि मकान मालिक ने उनसे इस दुकान के लिए 35 लाख लिए हैं. अब प्रशासन और मकान मालिक के बीच क्या तय हुआ है. मुझे मालूम नहीं है. मैंने प्रशासन से सामान हटाने के लिए कुछ घंटों की मोहलत मांगी थी. वो भी नहीं मिली, अब हम क्या करें, कहां जाएं?

कार्रवाई को प्रशासन की गुंडई बताया

1958 से एके वॉच नाम से दुकान चलाने वाले हुसैन अली ने इस कार्रवाई को प्रशासन की गुंडई बताया. हुसैन अली ने कहा कि ‘ये वर्ग विशेष के खिलाफ प्रशासन की खुली गुंडई है. प्रशासन ने न तो मोहलत दी और न ही हमारे वकील को नोटिस रिसीव हुआ. हम सब मजबूर हैं और समझ में नहीं आ रहा कि अब क्या करें. कार्रवाई शुरू होते ही एक बुजुर्ग महिला जोर-जोर से रोने लगी. उसको स्थानीय लोगों ने समझा बुझाकर वहां से हटाया.

मकान मालिक और प्रशासन की मिलीभगत

कार्रवाई से डरे और घबराए हुए दूसरे दुकानदारों ने कहा कि प्रशासन और मकान मालिक के बीच किरायेदार पिस रहे हैं. मकान मालिक ने दुकानों के लिए लाखों रुपये लिए हुए हैं. अब मकान मालिक और प्रशासन की मिलीभगत में किरायेदार मारे जा रहे हैं. किरायेदारों को कुछ नहीं मिल रहा है. दालमंडी में 29 अक्टूबर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन उसके बाद कार्रवाई में गैप रखा गया. 8 नवंबर को चौरसिया पान भंडार के बाद 9 नवंबर को लक्ष्मी कटरा पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई.

Related Articles

Back to top button