शाह के आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने वापस लिया सांकेतिक प्रदर्शन, गृहमंत्री बोले-जल्द निकालेंगे समाधान

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आश्वासन के बाद अपना सांकेतिक विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया है। अमित शाह ने कहा कि कार्य स्थल पर डॉक्टरों की सुरक्षा तथा सम्मान के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। केंद्रीय स्वास्थ्य और कल्याण मंत्री हर्षवर्द्धन के साथ आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से डॉक्टरों और भारतीय चिकित्सा संघ के प्रतिनिधियों से बातचीत में उन्होंने यह बात कही। परवाह किए बिना कोरोना महामारी के उपचार में जुटे डॉक्टरों पर देशभर में हो रहे हमलोें के मद्देनजर चिकित्सा संघ और डॉक्टरों ने आज शाम सांकेतिक विरोध का आह्वान किया था। इसे देखते हुए शाह ने आज डॉक्टरों से बात की।
शाह ने कहा कि डॉक्टर संकट की इस घड़ी में असाधारण कार्य कर रहे हैं। इस स्थिति में वह हर भारतीय से अनुरोध करते हैं कि कोरोना के खिलाफ इस जंग में वे डाक्टरों का सहयोग करें। गृह मंत्री ने कहा कि डॉक्टरों को काम करने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने डाक्टरों को आश्वस्त किया है कि मोदी सरकार उनकी चिंताओं के समाधान के प्रति वचनबद्ध है और उनसे अपील करती है कि वे अपने सांकेतिक विरोध के निर्णय पर एक बार फिर विचार करें। बता दें कि देश के कई राज्यों से डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार, पिटाई और घरों में प्रवेश से इनकार करने की खबरें आई हैं. इससे देश के सभी डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ नाराज हैं। डॉक्टरों ने आज उन पर हो रहे हमले के बीच आज रात 9 बजे सांकेतिक प्रदर्शन और कल काला दिवस मनाने का फैसला किया था।





