ब्रेकिंग
बिलासपुर के खपरगंज बवाल में पुलिस का बड़ा एक्शन: हिस्ट्रीशीटर सुहैल खान समेत 9 गिरफ्तार, अब तक 20 पह... धमतरी में सर्पदंश से कक्षा 8वीं के छात्र की मौत: जमीन पर सोते समय करैत सांप ने डसा, कुरुद के अटंग गा... रायपुर एम्स के मंच से दिखा बदलते छत्तीसगढ़ का स्वरूप: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया छात्रों क... दुर्ग में स्वाइन फ्लू का कहर: 4 नए मरीजों की पुष्टि के बाद आंकड़ा पहुंचा 17, जिला अस्पताल में 10 बेड... बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: नीलमडगु के जंगलों से भारी मात्रा में हथियार और BGL सेल का डंप... इंदौर में बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी... देवास के SKP कॉलेज में हाथ में कागज की बंदूक लेकर पहुंचे छात्र: 3 माह बाद भी नहीं मिलीं किताबें, प्र... सीधी में बारिश का कहर: कैमूर पहाड़ पर धंसी मुख्य सड़क, अमिलिया-हनुमना मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद; ... बर्खास्तगी के 26 साल बाद फिर पहनी CRPF की वर्दी: संत बनकर मंदिर में काटा जीवन, इलाहाबाद हाई कोर्ट से... फर्जी लेडी IAS तृप्ति सिंह पर भोपाल में एक और FIR: MPT में होटल लीज के नाम पर 50 लाख की ठगी; भाई समे...
मध्यप्रदेश

गजब थी अंग्रेजों की इंजीनियरिंग! नौगांव में 136 साल पुराना पुल आज भी MP-UP के बीच सेतु बना

छतरपुर : छतरपुर जिले के नौगांव में अंग्रेजों द्वारा बसाई गई पुरानी छावनी आज भी ब्रिटिश हुकूमत की याद दिलाती है. इसे देखकर लोग दंग रह जाते है, उन्ही में से एक अंग्रेजी हुकूमत के दौरान का पुल आज भी चालू है. इस पुल से रोजाना हजारों वाहन निकलते हैं. 136 साल बाद भी ये पुल सीना ताने खड़ा है. जानकरों का कहना है “अंग्रेजों ने लोगों पर जुल्म तो बहुत किया लेकिन ब्रिटिश हुकूमत ने भ्रष्टाचार नहीं किया, जिसकी आज भी निशानियां मौजूद हैं.”

नौगांव पर कब्जा करने अंग्रेजों ने चली चाल

जैतपुर के महाराजा परीक्षित को हराने के लिए ब्रिटिश हुकूमत में कई बार योजनाएं बनाईं लेकिन सफल नहीं हो सके तो अंग्रेजी हुकूमत ने नौगांव डेरा डाल कर छावनी में तब्दील कर दिया. छतरपुर जिले के नौगांव की नींव 183 साल पहले अंग्रेजी हुकूमत के दौरान 1842 में रखी गई थी. छतरपुर जिले का नौगाव पुरानी छावनी है. नौगांव केवल ईंट-पत्थरों का नगर नहीं है. यह एक ऐसा शहर है, जिसमें संघर्ष, योजना और सांस्कृतिक वैभव की झलक आज भी दिखाई देती है.

ब्रिटिशकालीन पुल आज भी मजबूत

ब्रिटिश शासन के समय नौगांव को बुंदेलखंड की धड़कन माना जाता था और आज भी इसकी गलियों में अतीत की कहानियां बसती हैं. प्रदेश में सबसे ज्यादा चौराहे वाला नगर भी कहा जाता है नौगांव. यहां आज भी ब्रिटिश काल की कई इमारतें और पुल मौजूद हैं. उन्हीं में से एक भड़ार नदी का पुल. इसे अंग्रेज हुकूमत के दौरान बनाया गया था, जो आज भी सीना ताने मजबूती से खड़ा है. नौगांव शहर से गुजरे रीवा-ग्वालियर नेशनल हाइवे के पुराने मार्ग पर यह पुराना ब्रिटिशकालीन पुल आज भी इस्तेमाल हो रहा है.

साल 1889 में बना था भड़ार नदी पर पुल

भड़ार नदी पर ये पुल 1889 में ठेकेदार राय साहब गंगाराम द्वारा बनवाया गया था. यह पुल भड़ार नदी पर लोहे के गार्डर, ईंट, चूना और पत्थरों से बना हुआ है. इस पुल से आज भी रोजाना करीब 5 हजार भारी मालवाहक, बसें, कार और बाइक गुजरती हैं, लेकिन अंग्रेजी हुकूमत का पुल खड़ा हुआ है. नेशनल हाइवे 75 पर भड़ार नदी के पुल का निर्माण ब्रिटिश शासनकाल में इसलिए करवाया था जिससे झांसी से सतना, रीवा और नौगांव को जोड़ने का एकमात्र साधन था.

अंग्रजों ने जुल्म किए, भ्रष्टाचार नहीं किया

छतरपुर के इतिहासकार शंकर लाल बताते हैं “ब्रिटिश काल के समय का बना हुआ पुल आज भी चल रहा है. ये ईमानदारी की निशानी है. बुंदेलखंड में दोहरी गुलामी का राज था. एक टैक्स राजा का लगता था और दूसरा टैक्स अंग्रेजी हुकूमत का. जनता बहुत परेशान थी, लेकिन अंग्रेजी हुकूमत के बनाये पुल आज भी खड़े हैं. अंग्रेजों ने जुल्म बहुत किये लेकिन भ्रष्टाचार नही किया.”

Related Articles

Back to top button