गोड्डा में सैनिक स्कूल का प्रस्ताव, सेवा से वापस आए अग्निवीरों को मिलेगा अवसर, राज्यपाल ने की बैठक

रांचीः राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में सैनिक कल्याण निदेशालय की 17वीं प्रबंध समिति की बैठक आयोजित हुई.
बैठक में राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों और शहीदों के आश्रितों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और उनके हितों से जुड़े विषय पर संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाएगा. उन्होंने निर्देश दिया कि दीपाटोली स्थित झारखंड युद्ध स्मारक को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए.
परमवीर अल्बर्ट एक्का का गांव बनेगा आदर्श ग्राम
राज्यपाल ने परमवीर चक्र विजेता शहीद लांसनायक अल्बर्ट एक्का के पैतृक ग्राम को “आदर्श ग्राम” के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए शीघ्र वहां भ्रमण करने की इच्छा जताई. उन्होंने कहा कि वे राज्यहित के लिए सदैव उपलब्ध हैं और राज्य के विकास से जुड़े सुझावों का स्वागत करते हैं.
शाहिद के आश्रितों की सहायता राशि बढ़ाने पर विचार
इस बैठक में राज्य में एक और सैनिक विद्यालय खोलने पर भी चर्चा हुई. जिसके लिए सैनिक कल्याण निदेशालय ने गोड्डा में नया सैनिक स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव रखा. साथ ही शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाने पर भी विचार हुआ.
अग्निवीरों को पुलिस बल में अवसर पर विचार
राज्यपाल ने यह भी कहा कि राज्य में अब तक कितने अग्निवीर सेवा से वापस आए हैं, इसका विस्तृत आकलन किया जाए. उन्होंने इन अग्निवीरों को राज्य पुलिस बल और अन्य सुरक्षा सेवाओं में अवसर देने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार करने का निर्देश दिया. बैठक में झारखंड के आदिवासी समुदायों की सैन्य सेवाओं के प्रति विशेष रुचि का उल्लेख करते हुए, उनके लिए एक समर्पित प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर भी चर्चा की गई.
राज्यपाल ने यह भी कहा कि अवकाश पर आए सैनिकों के निजी या प्रशासनिक कार्यों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. साथ ही, पुराने सैनिक मार्केट व थिएटर परिसर के पुनर्निर्माण और विकास कार्य जुडको के सहयोग से आगे बढ़ाने की बात भी कही गई.
इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, जीओसी 23 इन्फैंट्री डिवीजन के मेजर जनरल सज्जन सिंह मान सहित वरीय सैन्य अधिकारी एवं निदेशालय के अधिकारी उपस्थित रहे.






