शराब माफिया की टूटी कमर, बलौदा बाजार पुलिस का भाटापारा में बड़ा एक्शन

बलौदा बाजार: भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय शराब तस्करी और बिक्री के नेटवर्क पर प्रहार है. गांव-गांव में चोरी-छिपे बिक रही देशी मसाला शराब की सप्लाई कहां से हो रही है, इसके पीछे कौन लोग हैं और किस तरह संगठित तरीके से यह धंधा चलाया जा रहा था, इसका पूरा खुलासा भाटापारा ग्रामीण पुलिस ने किया है.
थाना भाटापारा ग्रामीण पुलिस ने तगड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब तस्करी और बिक्री करने वाले 7 सदस्यीय संगठित गिरोह को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस केवल एक शराब बेचने वाले तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरी सप्लाई चेन को कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए गिरोह के सभी सदस्यो तक पहुंची.
एक गिरफ्तारी से खुली पूरे गिरोह की परतें
दरअसल, पूरा मामला 9 जनवरी 2026 का है, जब थाना भाटापारा ग्रामीण पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम तरेंगा में एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेच रहा है. सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और अमर यदु (29 वर्ष) को गिरफ्तार किया. तलाशी के दौरान अमर यदु के कब्जे से 40 पव्वा देशी मसाला शराब, जिसकी कीमत लगभग 4600 बताई जा रही है, बरामद की गई. आरोपी के खिलाफ थाना भाटापारा ग्रामीण में अपराध क्रमांक 25/2026, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर, उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया.
पुलिस ने तोड़ी सप्लाई चेन, आरोपियों तक पहुंचना हुआ आसान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने, भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री और तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. एसपी ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भाटापारा हेमसागर सिदार, एसडीओपी भाटापारा तारेश साहू और थाना प्रभारी भाटापारा ग्रामीण निरीक्षक हेमंत पटेल को स्पष्ट निर्देश दिए, कि इस मामले में केवल सतही कार्रवाई न हो, बल्कि पूरे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया जाए.
पूछताछ में सामने आया चौंकाने वाला सच
गिरफ्तार आरोपी अमर यदु से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने स्वीकार किया कि वह गांव में लुकाछिपी में शराब बेचता था. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसे यह शराब पटपर, भाटापारा में चाय की दुकान चलाने वाले नितेश रात्रे द्वारा उपलब्ध कराया जाता था. यह जानकारी मिलते ही पुलिस ने बिना देरी किए नितेश रात्रे (22 वर्ष) को हिरासत में ले लिया.
एक के बाद एक खुलासे और गिरफ्तारी
नितेश रात्रे से पूछताछ के बाद पुलिस को यह साफ हो गया कि मामला सिर्फ 2 लोगों तक सीमित नहीं है. दोनों आरोपियों से मिले सुरागों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अन्य 5 आरोपियों की पहचान की, सभी को हिरासत में ले लेकर पूछताछ की गई. सामने आया कि सभी आरोपी अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से संगठित गिरोह बनाकर भाटापारा ग्रामीण और आसपास के इलाकों में शराब की तस्करी और बिक्री करते थे.
गिरफ्तार किए गए आरोपी
- अमर यदु (29 वर्ष) – गोगिया पारा, ग्राम तरेंगा
- नितेश रात्रे (22 वर्ष) – ग्राम गुर्रा
- दुर्गेश गुजरतिया (21 वर्ष) – शक्ति वार्ड, भाटापारा
- हरिचंद देवांगन (38 वर्ष) – वार्ड नंबर 4, ग्राम तरेंगा
- रवि कुमार निषाद (35 वर्ष) – ग्राम तरेंगा
- अजय मारकंडेय (30 वर्ष) – भगत सिंह वार्ड, भाटापारा
- गोपी गेण्डरे (29 वर्ष) – महासती वार्ड, भाटापारा
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह संगठित रूप से शराब तस्करी और बिक्री में लिप्त था, इसलिए आरोपियों के खिलाफ सिर्फ आबकारी एक्ट ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध से जुड़ी धाराओं में भी कार्रवाई की जा रही है. सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया जारी है. पुलिस का स्पष्ट कहना है कि “अवैध शराब बिक्री और तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जो भी इस धंधे में शामिल होगा, उस तक पुलिस जरूर पहुंचेगी.”
जनता से सहयोग की अपील
भाटापारा ग्रामीण टीआई हेमंत पटेल ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शराब बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र में की गई यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे शराब माफिया नेटवर्क पर चोट है.






