खतरनाक हुई दिल्ली की आबोहवा: 22 इलाकों में AQI 400 पार, घरों में कैद होने को मजबूर लोग

दिल्ली के कई इलाकों में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है और एयर क्वालिटी इंडेक्स कई इलाकों में बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है. राजधानी के ज्यादातर हिस्सों में AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया है, जिसे बहुत खराब श्रेणी माना जाता है. आनंद विहार का AQI तो 400 दर्ज किया गया. यहां लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है. प्रदूषण का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है.
रोहिणी, बवाना, जहांगीरपुरी, द्वारका, पटपड़गंज और वजीरपुर जैसे इलाकों में प्रदूषण का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है. खराब हवा के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और खांसी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. प्रशासन ने लोगों को बिना जरूरी हुए घर से बाहर निकलने से बचने, मास्क का इस्तेमाल करने और बच्चों, बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की सलाह दी है.
300 के पार इन इलाकों का AQI
समीर ऐप के मुताबिक सुबह 6 बजे दिल्ली के कई इलाके रेड जोन में हैं, जहां AQI 300 के पार दर्ज किया गया. इनमें रोहिणी का 388, बवाना का 376, जहांगीरपुरी का 371, द्वारका सेक्टर-8 का 370, नेहरू नगर का 369, वजीरपुर का 369, पटपड़गंज का 361, विवेक विहार का 359, आरके पुरम का 357, पंजाबी बाग का 352, अशोक विहार का 360, DTU का 336, सीरिफोर्ट का 335, ITO का 332, दिलशाद गार्डन का 327, डॉ. कर्णी सिंह का 326, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का 321, अलीपुर का 320 और नॉर्थ कैंपस का 299 AQI दर्ज किया गया.
इन इलाकों में AQI 200 से 300 के बीच
सुबह 6 बजे कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई, जहां AQI 200 से 300 के बीच रहा. इनमें आया नगर का 275, IGI एयरपोर्ट का 280, नजफगढ़ का 280, ओखला का 278, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम का 285, मथुरा रोड का 305 के आसपास, बुराड़ी क्रॉसिंग का 303, शादीपुर का 307, नरेला का 266 और लोधी रोड का 256 रहा. इन इलाकों में भी हवा जहरीली बनी हुई है और लोगों का सांस लेना भी दुश्वार हो रहा है.
प्रदूषण नियंत्रण के लिए कदम उठाने के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित दिल्ली सरकार के वायु प्रदूषण नियंत्रण एक्शन प्लान पर हुई बैठक में शामिल हुईं. बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार की ओर से की जा रही कोशिशों की विस्तृत समीक्षा की गई. इस दौरान प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं.






