ब्रेकिंग
Nomadic Elephant 2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास, रूम इंटरवेंशन और बोख कुश... Yogi Adityanath Delhi Visit: पीएम मोदी और जेपी नड्डा से मिले सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी चुनाव और संगठ... सोशल मीडिया पर दिखावा पड़ा भारी: यूट्यूबर मधुमिता के घर से ₹1 करोड़ के सोने-हीरे के जेवर चोरी Delhi Festive Preparations: रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर्व के लिए दिल्ली सरकार ने बनाई 3 विशेष समित... वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई बेहद आसान: अब दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, घर आएंगे BLO मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गरमाई सियासत: राहुल गांधी ने साझा किया जिजी थॉमसन का दावा UKSSSC VPDO Scam: 2016 भर्ती घोटाले में हरीश रावत से ईडी ने किए सवाल-जवाब, कांग्रेस ने बताया बदले की... Sambhal News: आचार्य प्रमोद कृष्णम को बब्बर खालसा से जुड़ी धमकी, विदेशी नंबर से ऑडियो कॉल; गृह मंत्र... Roorkee News Today: रुड़की में दोहरे हत्याकांड से सनसनी, गांव में भारी पुलिस बल तैनात; एसएसपी बोले- ... Election Commission Reforms: चुनाव आयोग में पारदर्शिता की नई पहल, SIR प्रोसेस, ECINet और अधिकारियों ...
मध्यप्रदेश

साध्वी हर्षा गंगा में डुबकी लगा मौनी अमावस्या पर फैशन मॉडल बन होंगी प्रकट, उतारेंगी भगवा चोला

जबलपुर: मॉडलिंग की दुनिया छोड़कर साध्वी बनी हर्षा रिछारिया मौनी अमावस्या के दिन दोबारा मॉडलिंग के क्षेत्र में वापस कदम रखेंगी. हर्षा रिछारिया का कहना है कि वे दूसरे साधु संतों से परेशान हो गई हैं. अब तो बात उनके चरित्र तक उठने लगी है इसलिए वह बहुत दुखी हैं. इसलिए वह अब दोबारा अपने मॉडलिंग के कैरियर को शुरू करेंगी. उन्होंने आरोप लगाया है कि महिलाओं को आगे बढ़ते हुए समाज आज भी देखना पसंद नहीं करता.

भगवा चोला उतार दोबारा मॉडलिंग करेंगी हर्षा

कुंभ मेले में एक्टर और मॉडल हर्षा रिछारिया उस समय चर्चा में आईं थीं जब एक बड़े संत ने उन्हें दीक्षा दी थी और वे साध्वी बन गई थीं. हर्षा रिछारिया जबलपुर में निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची. यहीं पर उन्होंने बयान दिया है कि “अब वे और आगे साध्वी बनी रहना नहीं चाहतीं और परेशान होकर इस रास्ते को छोड़ रही हैं.” उन्होंने घोषणा की है कि “18 तारीख को मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने के बाद वह दोबारा अपने पुराने काम में लौट जाएंगी.”

‘अपने ही धर्म गुरुओं पर परेशान करने का आरोप’

हर्षा रिछारिया का कहना है कि “सनातन को कोई अपनाता नहीं है बल्कि मैं पैदा होती ही सनातनी हो गई थी और इसे मैं अपना सौभाग्य मानती हूं और जीवन भर सनातनी रहूंगी. धर्म का प्रचार करने के लिए मैंने दीक्षा ली थी और मैं साध्वी बन गई थी लेकिन मुझे किसी दूसरे धर्म से इतना अपमान नहीं मिला जितना अपने ही धर्म के दूसरे धर्म गुरु मुझे परेशान कर रहे हैं. सामने सब उनकी तारीफ करते हैं लेकिन पीठ पीछे कुछ ऐसी बातें कहते हैं जो उन्हें परेशान कर रही हैं.”

उनका कहना है कि “सदियों से ऐसा होता आया है कि यदि कोई लड़की या कोई स्त्री किसी काम में आगे बढ़ती है तो उसके चरित्र पर उंगली उठाई जाती है. उनके साथ भी ऐसा हो रहा है और उनके चरित्र पर भी उंगली उठाई जाने लगी है. इसलिए अब बर्दाश्त नहीं हो रहा.”

‘सनातन की राह में नहीं मिली शांति’

हर्षा रिछारिया का कहना है कि “मुझे उम्मीद थी कि मैं दीक्षा लेने के बाद सनातन की राह पर चलूंगी तो मुझे शांति मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और मन बहुत अधिक अशांत रहने लगा. इससे अच्छा तो मेरे पुराना काम था. उसमें कम से कम में शांति से तो रहती थी. इसके पहले भी महिलाओं को कई अग्नि परीक्षाएं देनी पड़ी हैं. उनके बारे में भी जो आरोप लगाए जा रहे हैं उनकी कोई भी जांच कर सकता है. मेरे पास कोई पैसा नहीं है आप मेरा बैंक अकाउंट चेक कर सकते हैं. मैंने सनातन सेवा के लिए अपनाया था, पैसा कमाने के लिए नहीं.

Related Articles

Back to top button