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Giridih News: गिरिडीह की 304 बेटियों का शानदार प्रदर्शन, जिले का नाम किया रोशन

गिरिडीह: तनी हुई भौहें, सिर पर पगड़ी और हाथ में लाठी-तलवार. कुछ इसी तरह की तस्वीरें, इस रामनवमी में गिरिडीह शहर की सड़कों पर देखने को मिली. यहां एक वेश-भूषा, एक अंदाज और मुख से जय श्रीराम का नारा लगाती हुईं जब 304 बेटियों ने अखाड़े में अपना जौहर दिखाया तो सभी दंग रह गए. मंच पर बैठे मानिंद के साथ-साथ अखाड़ा देखने पहुंचे राहगीर, सबने बस ये ही कहा ‘छोरियां क्या छोरों से कम है.’

लगातार लेती रही प्रशिक्षण

दरअसल, हम जिन बेटियों की बात कर रहे हैं वह गिरिडीह शहर की हैं. इन बच्चियों ने तलवारबाजी, लाठी भांजने समेत अन्य परम्परागत हथियारों को चलाने का प्रशिक्षण लिया है. आत्मरक्षा के लिए उन्होंने यह प्रशिक्षण लिया है. जिसका प्रदर्शन वह रामनवमी में कर रही हैं. इन बेटियों को प्रशिक्षित करने का काम पूनम वर्णवाल ने किया है.

पूनम पिछले कुछ वर्षो से बेटियों को प्रशिक्षित कर रही हैं. पूनम बताती हैं कि बच्चियों के आत्मबल को मजबूत करने के लिए वह बच्चियों को प्रशिक्षित करने में जुटी रहीं. साथ ही इन्हें रामनवमी के अखाड़ा में प्रदर्शन के लिए तैयार करने में भी सफल रहीं.

वह बताती हैं कि पिछली दफा उनके पास प्रशिक्षण लेने वाली बेटियों की संख्या महज 43 थी, लेकिन इस बार 304 हो गई है. उन्होंने कहा कि कुटुंब प्रबोधन के तहत माता अहिल्याबाई होलकर वाहिनी द्वारा आयोजित इस अनोखे प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल बेटियां न सिर्फ शस्त्र कला में निपुण हो रही हैं, बल्कि इनके अंदर आत्मबल भी बढ़ा है. समाज में अब बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर जागरूक हुई हैं. अभिभावक भी इस बात को समझ रहे हैं.

उत्साहित हैं सभी बच्चियां

रामनवमी में शस्त्रों से प्रदर्शन करने वाली बच्चियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है. बच्चियां काफी खुश भी हैं और एक बात कहती हैं कि इस प्रशिक्षण से वह शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बन रही हैं.

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