ब्रेकिंग
Mann Ki Baat: 'हरगिला चिड़िया' बनी असम के गांवों की पहचान; PM मोदी ने की 'हरगिला सेना' की जमकर तारीफ स्वच्छ यमुना अभियान: सीएम रेखा गुप्ता का श्रमदान, कहा- "अब यमुना में नहीं गिरेगा बिना ट्रीटमेंट वाला... PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स की नेशनल असेंबली में बोले पीएम मोदी; 'भारत और सेशेल्स को जोड़ता है... Waqf Amendment Act: वक्फ संपत्तियों को कानूनी दर्जा दिलाने की प्रक्रिया तेज; 30 जून तक पूरा करें रिक... Amarnath Yatra 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम; अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की बड़ी मॉक र... हरिद्वार: बीमार पत्नी की संदिग्ध मौत का खुलासा, दवा के नाम पर जहर देकर की पति ने हत्या Jabalpur Crime News: फेसबुक पर हिंदू नाम रखकर की दोस्ती, फिर धर्म परिवर्तन और तस्करी की कोशिश; मामला... खंडवा: अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर हमला, 8 वनकर्मी घायल; वर्दी फाड़ने और पथराव का वीडियो वा... Muzaffarpur Crime News: अवैध संबंध के शक में छोटे भाई ने की बड़े भाई की हत्या, जांता से कुचलकर उतारा... Delhi E-Office System: दिल्ली सरकार में ई-ऑफिस का एक साल पूरा; फाइलों का निस्तारण हुआ तेज और पारदर्श...
हिमाचल प्रदेश

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रियों के लिए खुशखबरी, मई तक तैयार होगा रावी पुल; वंदे भारत और जम्मू मेल भरेंगी फर्राटा

श्री अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने से पहले रेल यात्रियों और शिवभक्तों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आ रही है. पंजाब और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाले सामरिक रूप से महत्वपूर्ण रावी पुल (पुल नंबर 17) पर रेल यातायात जल्द बहाल होने की उम्मीद है. पिछले साल अगस्त में आई भीषण बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुआ यह पुल अगले महीने यानी मई तक पूरी तरह तैयार हो सकता है.

गौरतलब है कि अगस्त 2025 में रावी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण पुल नंबर 17 का एक पिलर अपनी जगह से खिसक गया था. सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने इस ट्रैक पर परिचालन बंद कर दिया था. तब से रेल यातायात केवल एक ही ट्रैक के भरोसे चल रहा है, जिससे जम्मू और कटरा जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट छोटे कर दिए गए या उन्हें रद्द करना पड़ा.

DRM और CRS की पैनी नजर, 10 दिन में दूसरा दौरा

इस परियोजना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे के उच्च अधिकारी लगातार ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं. जम्मू डिवीजन के DRM विवेक कुमार ने 10 दिनों के भीतर दूसरी बार पुल का निरीक्षण किया. इस बार उनके साथ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) दिनेश चंद देशवाल और USBRL परियोजना के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी आलोक मिश्रा सहित विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय टीम भी मौजूद थी.

पुल की नींव और स्तंभों की मजबूती का विश्लेषण किया गया. रेल पटरी की संरचना, स्लीपरों की स्थिति और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम को परखा गया. आपातकालीन बचाव तंत्र और सुरक्षा उपकरणों की अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप समीक्षा की गई.

वंदे भारत सहित कई ट्रेनों की होगी वापसी

पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण दिल्ली-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस, जम्मू-तवी गरीब रथ और ऋषिकेश एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनें बुरी तरह प्रभावित हैं. जम्मू मेल को भी अंबाला कैंट तक ही सीमित कर दिया गया है. रेलवे का लक्ष्य है कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा से पहले इन सभी ट्रेनों को बहाल कर दिया जाए, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधे जम्मू तक पहुंचाया जा सके.

युद्धस्तर पर जारी है काम

DRM विवेक कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मरम्मत का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए. अधिकारियों के अनुसार, मई के अंत तक तकनीकी कार्य संपन्न कर ट्रायल रन शुरू करने की योजना है. यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो जून के पहले पखवाड़े में यह रूट पूरी तरह चालू हो जाएगा.

Related Articles

Back to top button