ब्रेकिंग
Haryana PGT Seniority List Revised: हरियाणा में दिव्यांग श्रेणी के 19 पीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता सू... Haryana Road Safety Initiative: हरियाणा में सड़क किनारे खड़े अनुपयोगी बिजली खंभों को हटाने का अभियान... HPSC HCS Final Result 2026: हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, अभिषेक सरोहा ने किया टॉ... बेटी से छेड़खानी करने वाले का हाथ काटने वाले को 2 लाख का इनाम देंगे सांसद पप्पू यादव Kasganj Crime News: कासगंज में डेढ़ माह के मासूम बच्चे की खरीद-फरोख्त का खुलासा, मां समेत पांच आरोपी... Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ में शिवा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे कर सकती है सरेंडर, पुल... कुरुक्षेत्र के पास जम्मू-कश्मीर जा रही बस पर पथराव, सीएम उमर अब्दुल्ला ने जताई नाराजगी साधारण परिवार की बेटी से कैसे अंडरवर्ल्ड और माफिया के संपर्क में आई श्रद्धा दुबे? जानिए पूरी क्राइम ... आंध्र प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, जगन ने नायडू सरकार पर लगाया ‘जंगल राज’ का आरोप ग्वालियर सड़क हादसे पर सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, सीएसपी हटाए गए और 3 थाना प्रभारियों समेत 8 पुलि...
विदेश

Israel Election: नेतन्याहू की बढ़ी मुश्किलें, पूर्व PM बेनेट और लैपिड ने चुनाव से पहले मिलाया हाथ, बनाया नया मोर्चा

इजराइल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्टाली बेनेट और येर लैपिड ने मिलकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को चुनाव में चुनौती देने का फैसला किया है. इस साल के अंत तक इजराइल में चुनाव होने की संभावना है. रविवार को दोनों नेताओं ने घोषणा की कि उनकी पार्टियां बेनेट 2026 और येश अतीद अब साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी.

इस नए गठबंधन का नाम टुगेदर रखा गया है, जिसका नेतृत्व बेनेट करेंगे. गठबंधन का मकसद विपक्ष को एकजुट करना है, जो फिलहाल बिखरा हुआ है. बेनेट ने कहा कि यह कदम देश के लिए देशभक्ति और जायोनी सोच से प्रेरित है. वहीं लैपिड ने कहा कि बेनेट भले ही दक्षिणपंथी नेता हैं, लेकिन ईमानदार हैं और दोनों के बीच भरोसा है.

बेनेट

हमास के हमले की जांच का वादा

लैपिड ने यह भी कहा कि इस गठबंधन का उद्देश्य आंतरिक मतभेद खत्म कर चुनाव जीतना और इजराइल को आगे ले जाना है. बेनेट ने यह भी वादा किया कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले से पहले की सुरक्षा चूकों की जांच के लिए एक राष्ट्रीय आयोग बनाया जाएगा. मौजूदा नेतन्याहू सरकार ने अब तक ऐसी जांच से इनकार किया है.

क्या दोनों नेता पहली बार साथ आए हैं?

लैपिड और बेनेट पहले भी साथ आ चुके हैं. 2021 के चुनाव में दोनों ने मिलकर नेतन्याहू के 12 साल लंबे शासन को खत्म किया था और सरकार बनाई थी, लेकिन यह गठबंधन सिर्फ 18 महीने ही चल सका. इससे पहले 2013 में भी दोनों ने नेतन्याहू की सरकार में शामिल होकर उनके पारंपरिक सहयोगियों को बाहर कर दिया था.

नेतन्याहू इजराइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं. उन्होंने नवंबर 2022 में फिर वापसी की और देश की सबसे दक्षिणपंथी सरकार बनाई. लेकिन अक्टूबर 2023 में हमास के हमले और उसके बाद गाजा में युद्ध ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया है. हाल के सर्वे बता रहे हैं कि अगला चुनाव वह हार सकते हैं.

किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं?

एक सर्वे के अनुसार, 120 सीटों वाली संसद में बेनेट को 21 सीटें और नेतन्याहू की पार्टी लिकुड को 25 सीटें मिल सकती हैं. वहीं लैपिड की पार्टी को सिर्फ 7 सीटें मिलने का अनुमान है, जो पहले 24 सीटें थीं. 54 साल के बेनेट पूर्व सेना कमांडो और टेक कारोबारी हैं, जबकि 62 साल के लैपिड पूर्व टीवी एंकर हैं और खुद को इजराइल के मध्यम वर्ग की आवाज बताते हैं.

Related Articles

Back to top button