ब्रेकिंग
सीएम भगवंत मान का स्पष्ट संदेश, बोले—'पंजाब में केवल मेहनत और मेरिट के आधार पर मिलेगी सरकारी नौकरी' जंतर-मंतर लाठीचार्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर, दोषी पुलिसकर्मियों पर FIR की मांग Govinda Karisma Kapoor Movies Breakup: क्यों टूटी गोविंदा और करिश्मा कपूर की सुपरहिट जोड़ी? शगुफ्ता ... भारत बनाम जिम्बाब्वे T20I: अभिषेक शर्मा ने गेंद से मचाया तहलका, 14 साल बाद दोहराया सहवाग का ऐतिहासिक... रूस-यूक्रेन युद्ध में भीषण पलटवार, जपोरिज्जिया में 12 और सुमी में 3 लोगों की मौत से बढ़ा तनाव बैंक ग्राहकों के लिए अच्छी खबर, इस सप्ताह सोमवार से शनिवार तक खुले रहेंगे सभी सरकारी और निजी बैंक बच्चों के लिए ज्यादा सुरक्षित होगा ChatGPT, OpenAI ने पेश किए नए 'टीन फीचर्स' और चाइल्ड सेफ्टी ब्लूप... आज आषाढ़ मास का रवि प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल पूजा विधि और महादेव की कृपा पाने के विशेष उपाय मानसून के मौसम में जन्नत जैसा अहसास कराता है 'बादलों का घर' मेघालय, हरियाली और वादियों का लें मज़ा नोएडा सेक्टर-150 की एल्डिको सोसाइटी में दर्दनाक हादसा, STP टैंक में जहरीली गैस से दो लोगों की मौत
पंजाब

Faridkot News: फरीदकोट में नकली खाद फैक्ट्री का भंडाफोड़; कोठी के अंदर चल रहा था अवैध धंधा, पुलिस ने मारा छापा

फरीदकोट: जिले के नारायण नगर इलाके में एक कोठी के अंदर चल रहे नकली खाद तैयार करने के अवैध कारोबार का कृषि विभाग ने पर्दाफाश किया है। चंडीगढ़ से पहुंची विशेष टीम ने स्थानीय अधिकारियों और पुलिस की मदद से छापेमारी कर मौके से भारी मात्रा में नकली खाद, पोटाश, जिंक, एक्सपायरी सामग्री, खाली बोरियां और पैकिंग मशीनें बरामद की हैं। हालांकि मुख्य संचालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

जानकारी के अनुसार कृषि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि नारायण नगर की गली नंबर-2 स्थित एक कोठी में नकली जिंक, पोटाश और अन्य खाद तैयार कर किसानों को सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर संयुक्त निदेशक नरेंद्र सिंह बैंस की अगुवाई में विशेष टीम फरीदकोट पहुंची। टीम में जिला कृषि अधिकारी डॉ. कुलवंत सिंह और एडीओ इन्फोर्समेंट डॉ. जतिंदरपाल मान सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

छापेमारी के दौरान टीम को कोठी के अंदर नकली खाद तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और मशीनरी मिली। मौके से नकली पोटाश, जिंक, भरी और खाली बोरियां, पैकिंग रैपर तथा अन्य सामान बरामद किया गया। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि एक्सपायर हो चुकी सामग्री पर नई तारीखों वाले स्टिकर लगाकर उसे दोबारा पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था।

अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नकली सामान अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंच सकता था। बरामद सामग्री के सैंपल जांच के लिए लैबोरेटरी भेजे गए हैं ताकि उसकी गुणवत्ता और रासायनिक तत्वों की पुष्टि की जा सके।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य संचालक रजिंदर सेठी पहले अनाज मंडी में खाद और कीटनाशकों की दुकान चलाता था। करीब छह महीने पहले उसका लाइसेंस रद्द हो गया था, जिसके बाद उसने रिहायशी इलाके में यह गैरकानूनी कारोबार शुरू कर दिया। विभाग की ओर से उसके खिलाफ फर्टिलाइजर एक्ट, इंसेक्टिसाइड एक्ट, धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Back to top button