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मध्यप्रदेश

Gyan Bharatam Mission: दतिया राजपरिवार की 525 दुर्लभ पांडुलिपियों का होगा डिजिटलीकरण, ऐप पर डेटा अपलोड

झांसी। भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण किया जा रहा है। पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, भोपाल के आयुक्त मदन कुमार के निर्देशन तथा दतिया जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े के मार्गदर्शन में मिशन के नोडल अधिकारी निलेश लोखंडे ने दतिया राजपरिवार के घनश्याम सिंह जूदेव और महाराजा अरुणादित्य सिंह जूदेव से मुलाकात की। राजपरिवार के पास सुरक्षित 525 दुर्लभ पांडुलिपियों की जानकारी ज्ञान भारतम् ऐप पर अपलोड की गई है।

🎨 संग्रह में शामिल ऐतिहासिक और धार्मिक विषय: साहित्य से आयुर्वेद तक

इन पांडुलिपियों में पद्म पुराण, दांतों की चिकित्सा, राजा विक्रमादित्य पर आधारित दामोदर कृत हस्तलिखित ‘सिंहासन बत्तीसी’, राग गायन, कृष्ण लीला, आयुर्वेद, साहित्य तथा धार्मिक विषयों से संबंधित पांडुलिपियां शामिल हैं। निलेश लोखंडे ने बताया कि इनमें से अधिकांश पांडुलिपियों को रासायनिक संरक्षण की आवश्यकता है, ताकि इन ऐतिहासिक दस्तावेजों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके। पुरातत्व विभाग की टीम में झांसी के पुरातत्वविद डॉ. वसीम खान सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।

⏳ अभियान की समयसीमा: 16 जून तक पूरा होगा डिजिटलीकरण का कार्य

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 16 जून तक प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम् ऐप पर अपलोड किया जा रहा है। हाल ही में दतिया में लोकेंद्र सिंह नागर के पास संग्रहित 150 साल से अधिक पुरानी 32 दुर्लभ पांडुलिपियां भी ऐप पर अपलोड की गई थीं, जिसमें हस्तलिखित रामायण भी शामिल है। यह अभियान देश की प्राचीन बौद्धिक संपदा को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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