ब्रेकिंग
मोहाली में विदेशी युवती से गैंगरेप और हैवानियत: गर्म मोम डाला, जबरन कराया देह व्यापार; आरोपी काबू जालंधर के अलास्का चौक पर दर्दनाक हादसा: करतार बस ने डिलीवरी बॉय को कुचला, मौके पर ही तोड़ा दम 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने दी शुभकामनाएं, शहीदों को किया नमन गुरदासपुर बॉर्डर पर सनसनी: खेतों में पेड़ पर बंधे मिले पाकिस्तानी झंडे और दर्जनों गुब्बारे, सुरक्षा ... इंदौर में CM मोहन यादव ने तोते उड़ाकर किया 14-D सफारी का लोकार्पण; ग्लो गार्डन और भूल-भुलैया भी बने ... उज्जैन: महाकाल मंदिर में सैकड़ों चप्पलों के ढेर में खो गई जोड़ी, श्रद्धालु ने ChatGPT से चुटकियों मे... ग्वालियर में AI की सूझबूझ से बची हेड कांस्टेबल की जान: करैत सांप के काटने पर TI ने अपनाए सही प्रोटोक... छतरपुर में स्वतंत्रता दिवस के दिन दर्दनाक हादसा, आजादी की खुशियां मातम में बदलीं रीवा के सोहागी पहाड़ में डिलीवरी बैग में मिला युवक का क्षत-विक्षत शव: इलाके में सनसनी, डिलीवरी बॉय ह... सरई रेलवे स्टेशन पर कोयला डंपिंग को लेकर MP हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और DRM से मांगा जवाब
दिल्ली/NCR

Delhi Hotel Fire: बेटे के इलाज के लिए इराक से दिल्ली आया था परिवार, मालवीय नगर अग्निकांड में साले की दर्दनाक मौत

दिल्ली का मालवीय नगर अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का वो खौफनाक चेहरा है जिसने कई हंसते-खेलते परिवारों को ताउम्र का दर्द दे दिया है. इस भीषण आग ने इराक से भारत आए एक बेबस पिता पर दुखों का ऐसा पहाड़ तोड़ा है, जिससे उभर पाना उनके लिए नामुमकिन है. अपने मासूम बेटे को नई जिंदगी देने की चाहत में दिल्ली आए 50 वर्षीय इराकी नागरिक हबीब आबिद के सामने आज उनके 29 वर्षीय जवान साले अली अमीर मुझ की लाश पड़ी है. हबीब आबिद अपने बेटे हैदर के ब्रेन ट्यूमर की बेहद जटिल सर्जरी कराने के लिए इराक से भारत आए थे. इस मुश्किल सफर में उन्हें मानसिक और शारीरिक सहारा देने के लिए उनके साले अली अमीर मुझ भी साथ आए थे. गुरुवार को दिल्ली के एम्स मोर्चरी (AIIMS Mortuary) के बाहर खड़े हबीब के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. वे सिर्फ अरबी भाषा जानते हैं, इसलिए वहां खड़ा उनका भारतीय गाइड उन्हें ढाढस बंधाते हुए आगे की कानूनी और कागजी कार्रवाई की जानकारी दे रहा था. बदहवास हबीब को समझ नहीं आ रहा था कि एक तरफ जहाँ बेटे का बड़ा ऑपरेशन होना है, वहीं दूसरी तरफ उनके सबसे बड़े मददगार साले का बेजान शरीर सामने पड़ा है.

🪜 सीढ़ी से उतर सकता था अली, लेकिन होटल की संकरी सीढ़ियों और धुएं के चक्रव्यूह में फंसा

हबीब ने रोते हुए उस खौफनाक मंजर को बयां किया, जिसने उनके साले को हमेशा के लिए उनसे छीन लिया. उन्होंने बताया, “हम तीनों पिछले एक हफ्ते से मालवीय नगर के ‘फ्लोरिश स्टे होटल’ की पांचवीं मंजिल पर ठहरे थे. हमें क्या पता था कि यह होटल हमारे लिए काल बन जाएगा. आग देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग में फैल गई और कमरे में धुआं भर गया. तभी पड़ोसियों ने सूझबूझ दिखाते हुए हमारे कमरे की खिड़की का शीशा बाहर से तोड़ दिया और एक सीढ़ी लगाई. मैं किसी तरह उस बाहरी सीढ़ी के सहारे नीचे उतर गया.” हबीब ने आगे बताया कि इसी बीच मची चीख-पुकार, घबराहट और अफरा-तफरी में अली अमीर मुझ खिड़की से उतरने की बजाय कमरे से बाहर गैलरी की तरफ भाग निकला. उसने होटल की एकमात्र संकरी सीढ़ी से नीचे उतरने की कोशिश की, लेकिन आग की भीषण लपटों और जहरीले धुएं के उस चक्रव्यूह में वह ऐसा फंसा कि बाहर नहीं निकल सका. दम घुटने और बुरी तरह झुलसने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

🏢 6 कमरों के लाइसेंस पर चल रहे थे 25 कमरे, मालिक लवकेश बजाज गिरफ्तार; सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है और 35 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. पुलिस की गिरफ्त में आए होटल मालिक लवकेश बजाज ने जुर्म कुबूल करते हुए माना है कि उसके पास ‘बेड एंड朝ब्रेकफास्ट’ (B&B) पॉलिसी के तहत सिर्फ 6 कमरे चलाने का ही कानूनी लाइसेंस था. लेकिन चंद पैसों और मुनाफे के लालच में उसने नियमों को ताक पर रखकर इमारत में 25 कमरे बना दिए थे. शॉर्ट सर्किट से लगी इस आग के वक्त लवकेश वहीं मौजूद था, लेकिन पर्यटकों को बचाने के बजाय डर के मारे वह मौके से भाग गया था. पुलिस ने उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है और उसके फरार मैनेजर जय मिश्रा की तलाश में छापेमारी जारी है. वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है.

Related Articles

Back to top button