ब्रेकिंग
Ludhiana Crime News: पक्खोवाल रोड पर बर्थडे पार्टी में खूनी संघर्ष, आहाते में फायरिंग से बीच-बचाव कर... Ludhiana F&CC Meeting: लुधियाना में 150 करोड़ के 187 विकास प्रस्तावों को मंजूरी की तैयारी, 14 सितंबर... Amity University Ranchi Violence: छात्र से मारपीट, नकदी-सोने का लॉकेट छीनने का आरोप; विधायक पुत्र सम... Ranchi Cyber Fraud: बैंक अफसर बनकर शेयर बाजार में निवेश का झांसा, कांके के मंगरा उरांव से 9.20 लाख क... Jharkhand Agriculture Scheme: महिला किसानों की आय बढ़ाएगी हेमंत सरकार, पशुपालन, मछली पालन और बागवानी... Latehar Sadar Block: कभी भी ध्वस्त हो सकती है गुरगु पुलिया, ग्रामीणों ने की मरम्मत की मांग; DDC ने द... झारखंड हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 6 माह के भीतर दोबारा JET परीक्षा आयोजित करने का आदेश Womens Asia Cup: हरमनप्रीत ब्रिगेड का दबदबा, रन में शेफाली तो विकेट में दीप्ति नंबर-1; भारत के नाम द... Healthy Breakfast Options: सुबह नाश्ते में शामिल करें ये 5 हाई-प्रोटीन शाकाहारी फूड्स, दिनभर बनी रहे... Haryana Weather Update: हरियाणा में कमजोर पड़ा मानसून, तापमान 3.2 डिग्री बढ़ा; हिसार 38.7°C के साथ स...
हरियाणा

Haryana Farmers News: अब सरकारी योजनाओं का लाभ होगा और आसान; हरियाणा के 6808 गांवों का हुआ डिजिटल मानचित्रण

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और डेटा-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ‘एग्रीस्टैक’ (AgriStack) कार्यक्रम में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में अब तक 1.75 करोड़ कृषि भूखंडों की जियो-रैफरैंसिंग और 95.89 प्रतिशत गांवों का डिजिटल मानचित्रण पूरा कर लिया गया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई संचालन समिति की बैठक में इन उपलब्धियों पर चर्चा की गई।

📊 डिजिटल डेटा से बदलेगी किसानों की तस्वीर

इस पहल का उद्देश्य किसानों के भूमि स्वामित्व, फसल संबंधी जानकारी और व्यक्तिगत रिकॉर्ड को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है। अब तक 11.58 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है और 8.32 लाख किसान आई.डी. तैयार की जा चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इस प्रणाली के पूरी तरह लागू होने से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लक्षित लाभार्थियों तक पहुँचे और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में दोहराव कम हो।

📍 किसान रजिस्ट्री और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)

राजस्व विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि ‘किसान रजिस्ट्री’ का कार्य प्रदेशभर के कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) के माध्यम से युद्धस्तर पर जारी है। सी.एस.सी. की सक्रिय भागीदारी से आने वाले दिनों में पंजीकरण की रफ्तार में और तेजी आने की उम्मीद है। यह डिजिटल मैपिंग भविष्य के फसल सर्वेक्षण के लिए एक ठोस आधार तैयार करेगी।

🚀 खरीफ-2026: डिजिटल फसल सर्वेक्षण की तैयारी

बैठक में खरीफ-2026 के लिए होने वाले डिजिटल फसल सर्वेक्षण पर भी जोर दिया गया। यह सर्वेक्षण राज्य के सभी 23 जिलों के जियो-रैफरेंस किए गए कृषि भूखंडों को कवर करेगा। अगस्त 2026 से शुरू होने वाले इस बड़े कार्य में लगभग 6,500 सर्वेक्षक तैनात किए जाएंगे। राजस्व विभाग के डेटाबेस में उपलब्ध 1.75 करोड़ रिकॉर्ड का उपयोग करके किसान रजिस्ट्री का दायरा और अधिक विस्तृत किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button