पेपर लीक पर कांग्रेस का दोहरा रवैया! बीजेपी सांसद संबित पात्रा बोले— ‘कर्नाटक और झारखंड के छात्रों के विरोध पर राहुल गांधी चुप क्यों?’

नई दिल्ली: पेपर लीक के राष्ट्रीय मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंगलवार को विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक पर विपक्षी पार्टियों का दोहरा मापदंड पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि कर्नाटक और झारखंड में लगातार हो रहे पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन पर विपक्ष खामोश क्यों है? संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि झारखंड में हजारों छात्र प्रतिदिन सोशल मीडिया और सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, किंतु कांग्रेस पार्टी प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में एक शब्द भी नहीं बोल रही है। संसद में भी यह विषय नहीं उठाया जा रहा है, क्योंकि यह केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए किया जा रहा ‘सिलेक्टिव आक्रोश’ (Selected Outrage) है।
🏛️ “संसद में एक भी प्रश्नकाल नहीं होने दे रहा विपक्ष”, कर्नाटक मंत्री प्रियांक खरगे के बयान पर साधा निशाना
संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध पर चिंता जताते हुए संबित पात्रा ने कहा कि एक-एक सत्र पर देश के करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन जब से सदन शुरू हुआ है, संसद में प्रश्नकाल तक नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और ‘INDIA’ गठबंधन के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा नहीं हो पा रही है। पात्रा ने कर्नाटक पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि जब मंत्री प्रियांक खरगे से नैतिक जिम्मेदारी लेने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने छात्रों को 25 दिन भूख हड़ताल करने देने और फिर लाठीचार्ज कराने की बात कही। उन्होंने कटाक्ष किया कि इस पूरे विषय पर राहुल गांधी आज भी पूरी तरह मौन हैं।
💬 कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे के विवादित बोल, कहा— “25 दिन अनशन करने दें, फिर लाठीचार्ज के बाद सोचूंगा”
कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे ने पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और मंत्रियों की जवाबदेही पर अपनी टिप्पणी से बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
जब संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि क्या परीक्षा में हुई अनियमितताओं के चलते कोई मंत्री अपना त्यागपत्र देगा, तो खरगे ने विवादित लहजे में कहा कि पहले छात्रों को 25 दिनों तक भूख हड़ताल करने दें, यदि वे तब भी नहीं रुकते हैं तो उन पर लाठीचार्ज करेंगे और उसके बाद ही वे अपने इस्तीफे पर विचार करेंगे। राज्य पुलिस भर्ती परीक्षाओं में धांधली की बढ़ती चिंताओं के बीच उनकी इस अमर्यादित टिप्पणी की चारों ओर कड़ी आलोचना हो रही है।
🕵️ JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से CID की 7 घंटे तक मैराथन पूछताछ
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित गंभीर अनियमितताओं के मामले में CID की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
सीआईडी अधिकारियों ने सोमवार को जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से लगभग सात घंटे तक मैराथन पूछताछ की। यह चौथा अवसर था जब पूर्व अध्यक्ष को सीआईडी के सवालों का सामना करना पड़ा। इससे पूर्व 28 जुलाई को 9 घंटे तथा 29 व 31 जुलाई को 8-8 घंटे पूछताछ की जा चुकी है। ज्ञात हो कि राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों के बाद खियांग्ते ने 22 जुलाई को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
⛺ रांची में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना, देवेंद्रनाथ महतो की अगुवाई में CBI जांच की मांग
JPSC तथा JSSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के विरोध में राजधानी रांची में परीक्षार्थियों व युवाओं का जोरदार धरना जारी है।
छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Uncapped Hunger Strike) पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारी छात्रों की स्पष्ट मांग है कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच राज्य सीआईडी से न कराकर सीधे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए और दोषियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो। छात्र 29 जुलाई से एक स्टेडियम में डटे हुए हैं।






