ग्वालियर SP ऑफिस में कांग्रेस जिला महामंत्री राजेश किरार ने खाया जहर, अस्पताल में मौत; सुसाइड नोट में प्रताड़ना का आरोप

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): ग्वालियर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां पहुंचे कांग्रेस के जिला महामंत्री राजेश किरार ने अचानक जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
दोपहर करीब 2 बजे वे अपनी किसी व्यक्तिगत परेशानी को लेकर एसपी से मिलने कार्यालय पहुंचे थे। कुछ देर परिसर में बैठने के दौरान ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और वे परिसर के बाहर बेहोश होकर गिर पड़े। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
🏥 मुंह से निकला झाग, पुलिस के शासकीय वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया
प्रत्यक्षदर्शियों और परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने देखा कि गिरते ही राजेश किरार के मुंह से झाग निकलने लगा था।
घटना की सूचना तुरंत पुलिस अधीक्षक को दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल अपने शासकीय वाहन से उन्हें जयारोग्य अस्पताल के 1000 बिस्तर वाले अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
📜 ’25 वर्षों से कांग्रेस से जुड़े थे’, सुसाइड नोट में लेन-देन से प्रताड़ना का जिक्र
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे कांग्रेस नेता रवीन्द्र सिंह ने बताया कि राजेश किरार पिछले 25 वर्षों से पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता थे और वर्तमान में जिला महामंत्री के पद पर कार्यरत थे।
उन्होंने बताया कि मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है, जिसमें कुछ लोगों द्वारा लेन-देन को लेकर प्रताड़ित किए जाने का उल्लेख किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री और प्रशासन से मांग की है कि ग्वालियर में सूदखोरों और प्रताड़ित करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
🔍 जमीन विवाद और जहरीले पदार्थ की जांच में जुटी पुलिस, परिजनों से पूछताछ
सीएसपी रोबिन जैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राजेश किरार पहले से कोई जहरीला पदार्थ खाकर एसपी ऑफिस पहुंचे थे, जहां उनकी हालत बिगड़ गई।
पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया है। शुरुआती जानकारी में किसी जमीन पर कब्जे और विवाद को लेकर परेशान होने की बात सामने आ रही है। सीएसपी ने स्पष्ट किया कि एसपी ऑफिस में उनकी किसी पुलिसकर्मी से कोई बातचीत नहीं हुई थी। पुलिस अब सुसाइड नोट, कॉल डिटेल्स और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।






