जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाएं रद्द करने पर बाबूलाल मरांडी का सरकार पर तीखा हमला

रांची (झारखंड): झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने सरकार द्वारा परीक्षाएं रद्द करने के फैसले को महज एक दिखावा और साजिश करार देते हुए कहा कि सिर्फ परीक्षा रद्द कर देने से इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। बाबूलाल मरांडी ने पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग दोहराई है ताकि नौकरी बेचने वाले सिंडिकेट और बिचौलियों का पर्दाफाश हो सके।
❌ परीक्षाएं रद्द करना समस्या का समाधान नहीं, CBI जांच से ही सामने आएगा सच
बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) शुरुआत से ही छात्रों के हक में निष्पक्ष जांच की पक्षधर रही है:
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पीठ थपथपा रही सरकार: उनका आरोप है कि सरकार परीक्षाएं रद्द करके अपनी पीठ थपथपाने की कोशिश कर रही है, जबकि अभ्यर्थियों की मुख्य मांग परीक्षा माफियाओं पर कठोर कार्रवाई है।
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भ्रष्टाचार की तह तक पहुंचना जरूरी: मरांडी ने कहा कि केवल सीबीआई जांच के जरिए ही यह साबित हो सकेगा कि पैसे लेकर नौकरियां किसने खरीदीं, बेचने वाले कौन थे और इस पूरे सिंडिकेट में कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल थे।
🔍 CID जांच पर खड़े किए सवाल, अधिकारियों पर कार्रवाई न होने का लगाया आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सीआईडी (CID) की पिछली भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए:
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पिछली रिपोर्टों का हवाला: उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईडी पूर्व में भी ऐसे मामलों में क्लीन चिट जैसी रिपोर्ट अदालत में पेश कर चुकी है, जिसमें परीक्षा में धांधली या ओएमआर शीट में हेरफेर से इनकार किया गया था।
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जांच भटकाने वालों पर नरमी: उन्होंने सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों ने जांच को भटकाने का काम किया, उन पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। ऐसे में उसी एजेंसी से दोबारा निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती।
⚖️ कोर्ट में फैसले पर स्टे लगने की आशंका, सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
मरांडी ने राज्य सरकार की कानूनी रणनीति को संदिग्ध करार दिया:
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अदालत में चुनौती का अंदेशा: उन्होंने कहा कि चयनित उम्मीदवार इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं, जहां सरकार को ठोस साक्ष्य पेश करने होंगे।
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जिम्मेदारी से बचने की तैयारी: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसा चक्रव्यूह रच रही है ताकि कोर्ट से स्टे आ जाए और सरकार यह कहकर पल्ला झाड़ ले कि उसने तो परीक्षा रद्द की थी, लेकिन अदालत के आदेश के चलते वह बेबस है।
🎯 JSSC चेयरमैन को हटाने पर सवाल, राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
आयोग के प्रशासनिक नेतृत्व और गठबंधन सहयोगियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा:
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चेयरमैन पर कार्रवाई क्यों नहीं: जब आयोग की परीक्षाएं लगातार विवादों और पेपर लीक के आरोपों से घिरी हैं, तो अब तक जेएसएससी के चेयरमैन को पद से क्यों नहीं हटाया गया।
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राहुल गांधी पर हमला: उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य सरकार में प्रमुख साझेदार है, लेकिन राहुल गांधी इस मुद्दे पर केवल दिखावा कर रहे हैं। यदि सरकार ईमानदार है तो उसे तत्काल प्रभाव से मामले की जांच सीबीआई को सौंपनी चाहिए।






