कैथल में सर्पदंश से दो मासूमों की मौत: 3 साल की रंगोली और 11 वर्षीय हनी की गई जान, नागरिक अस्पताल में मातम

कैथल (हरियाणा): जिले में सांप के काटने (Snake Bite) से जुड़े दो अलग-अलग दर्दनाक मामले सामने आए हैं। इन दोनों दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में एक 3 वर्षीय नन्ही बच्ची और एक 11 वर्षीय बालक की असमय जान चली गई।
दोनों मामलों में परिजन बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत उपचार के लिए कैथल के जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गहन जांच के उपरांत दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। एक ही दिन में दो मासूमों की मौत से क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है।
👧 पहला मामला: डेरा गदली में 3 साल की रंगोली को सांप ने डसा, चूहे के काटने का हुआ था भ्रम
पहली घटना डेरा गदली क्षेत्र से सामने आई है:
-
घटनाक्रम: बच्ची के पिता सुभाष कुमार ने बताया कि सुबह के समय 3 वर्षीय रंगोली अचानक जोर-जोर से रोने लगी।
-
शुरुआती भ्रम: जब परिजनों ने देखा तो उसकी हथेली पर दांतों के निशान बने हुए थे। शुरुआत में परिजनों को लगा कि बच्ची को शायद किसी चूहे ने काट लिया है।
-
अस्पताल में मौत: जब बच्ची का रोना बंद नहीं हुआ और उसकी स्थिति बिगड़ने लगी, तो परिजन उसे नजदीकी चिकित्सक के पास ले गए, जहां से तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाने को कहा गया। कैथल नागरिक अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
👦 दूसरा मामला: करनाल रोड पर 11 वर्षीय हनी की मौत, पेट और टांग पर थे डसने के निशान
दूसरी दुखद घटना कैथल शुगर मिल के पास करनाल रोड क्षेत्र की है:
-
तड़के सुबह का हादसा: परिजनों के अनुसार, सुबह करीब 4:00 बजे 11 वर्षीय हनी अचानक दर्द से कराहने और रोने लगा।
-
काटने के गहरे निशान: उसकी मां रीना ने देखा तो बच्चे के पेट और टांग पर सांप के डसने के स्पष्ट निशान थे और घाव से लगातार खून बह रहा था।
-
इलाज से पहले थमी सांसें: परिजन बिना कोई समय गंवाए उसे तुरंत नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
💔 6 महीने पहले सिर से उठा था पिता का साया, अब बेटे की मौत से टूटा परिवार
हनी की असामयिक मृत्यु ने परिवार को गहरे आघात में डाल दिया है:
-
पारिवारिक पृष्ठभूमि: हनी की मां रीना ने रोते हुए बताया कि उसके चार बच्चे हैं, जिनमें हनी तीसरे नंबर पर था।
-
दोहरा दुख: करीब 6 महीने पहले ही परिवार के मुखिया (हनी के पिता) का निधन हुआ था। पिता के गुजरने के बाद परिवार अभी संभल भी नहीं पाया था कि अब मासूम बेटे की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
🩺 डॉक्टरों की जरूरी सलाह: ‘लक्षणों का इंतजार न करें, तुरंत पहुंचे अस्पताल’
नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने सर्पदंश की स्थिति से निपटने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और सावधानियां साझा की हैं:
-
लापरवाही न बरतें: कई अत्यंत विषैले सांपों (जैसे करैत) के डसने पर शुरुआती दौर में दर्द या सूजन बहुत कम होती है। इसलिए किसी भी प्रकार के हल्के लक्षण या मात्र आशंका होने पर भी तत्काल मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर जाएं।
-
झाड़-फूंक से बचें: काटे गए स्थान पर ब्लेड से चीरा लगाना, मुंह से जहर चूसना, रस्सी से अत्यधिक कसकर बांधना या देसी जड़ी-बूटियों के घरेलू उपचार करने में समय बर्बाद करना जानलेवा हो सकता है।
-
मरीज को रखें शांत: पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें, उसे बिल्कुल दौड़ने या चलने न दें और प्रभावित अंग की हलचल न्यूनतम रखें ताकि जहर शरीर में तेजी से न फैले।
-
सांप को न मारें: अस्पताल में सांप को पकड़कर या मारकर लाने का जोखिम न लें। यदि संभव हो, तो सुरक्षित दूरी से उसकी फोटो खींच लें ताकि डॉक्टर सटीक एंटी-वेनम (Anti-venom) का चयन कर सकें।






