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मध्यप्रदेश

खंडवा रेलवे स्टेशन पर मंगला एक्सप्रेस में हड़कंप: पेंट्री कार का खाना खाने से 20 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, स्टेशन पर ही हुआ इलाज

खंडवा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन पर देर रात मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12618) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यात्रा कर रहे लगभग 15 से 20 बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई।

ये सभी बच्चे एक मिशनरी स्कूल के समूह का हिस्सा बताए जा रहे हैं। यह ट्रेन हजरत निजामुद्दीन से एर्नाकुलम (कोच्चि) की ओर जा रही थी।

मिली जानकारी के अनुसार, सफर के दौरान बच्चों ने ट्रेन की पेंट्री कार से परोसा गया भोजन खाया था। इसके कुछ ही देर बाद कई बच्चों को तेज पेट दर्द, उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के एक साथ बीमार पड़ने की खबर मिलते ही रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक तौर पर इसे विषाक्त भोजन (फूड पॉइजनिंग) का मामला माना जा रहा है।

🩺 डॉक्टरों ने स्टेशन पर ही संभाला मोर्चा: बच्चों को दिया गया त्वरित प्राथमिक उपचार

स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई:

  • प्लेटफॉर्म पर पहुंची मेडिकल टीम: सूचना प्राप्त होते ही जिला स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय पुलिस और रेलवे डॉक्टरों की संयुक्त टीम खंडवा स्टेशन पर तैनात हो गई।

  • अस्पताल ले जाने की थी तैयारी: शुरू में गंभीर स्थिति को देखते हुए बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन डॉक्टरों ने प्लेटफॉर्म पर ही जांच कर प्राथमिक उपचार (इमरजेंसी ट्रीटमेंट) शुरू कर दिया।

  • डॉक्टरों की निगरानी: स्टेशन पर दवाएं और इंजेक्शन देने के बाद बच्चों की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम ने लगातार नजर बनाए रखी।

🚆 प्राथमिक उपचार के बाद ट्रेन को किया गया रवाना: डॉक्टरों की टीम भुसावल तक साथ गई

प्रशासनिक उपस्थिति और वर्तमान स्थिति:

  • मौके पर मौजूद अधिकारी: राहत कार्य के दौरान सीएसपी अभिनव वारंगे, सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर और सिविल सर्जन अनिरुद्ध कौशल सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • भुसावल तक डॉक्टरों की निगरानी: स्थिति में सुधार होने के बाद बच्चों को कोच में ही रहने दिया गया और एहतियात के तौर पर रेलवे के डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ बच्चों की देखरेख के लिए ट्रेन के साथ भुसावल तक रवाना हुए।

  • जांच के निर्देश: अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में बच्चों की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। बच्चों की तबीयत खराब होने के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए पेंट्री कार के खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच की जा रही है।

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