ब्रेकिंग
Ram Mandir Donation Scam SIT: सुप्रीम कोर्ट में SIT का खुलासा; राम मंदिर काउंटिंग रूम से चोरी के 105... Delhi High Court PIL: डीटीसी बस हड़ताल से थमीं दिल्ली की रफ्तार; जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की पीठ करे... Faridabad CM Flying Raid: तिगांव में अवैध बुलेटप्रूफ कार वर्कशॉप पर CM फ्लाइंग का छापा; 4 लग्जरी गाड... Gurugram MCG Action: भोंडसी में नगर निगम का बड़ा बुलडोजर एक्शन; 6 अवैध भवन सील, 4 ध्वस्त Gurugram Crime News: गुड़गांव की नाथूपुर सब्जी मंडी में हिताची ATM में लगी भीषण आग; मशीन में रखा कैश... Raipur News: रायपुर उत्तर में विधायक पुरन्दर मिश्रा की 8 दिवसीय पदयात्रा; सीएम साय करेंगे आगाज, राज्... Kanker Yuva Udaan Event: '2047 तक विकसित भारत का सपना युवाओं के कंधे पर'; कांकेर में बोले युवा आयोग ... Kanker BSF Camp News: माओवाद के साये से निकलकर वर्दी के सपने; कांकेर के तुमापाल में BSF कैंप में उमड... Raipur News: भाटागांव सब्जी बाजार विवाद में आयुक्त का आश्वासन; 7 दिनों में सामने आएंगे लॉटरी आवंटन क... Chhattisgarh News: कोरबा के पूछपारा में शर्मनाक घटना; नमाजी बुजुर्ग पर हमला कर युवक फरार, मेडिकल कॉल...
उत्तराखंड

राहुल गांधी की बढ़ीं मुश्किलें: हल्द्वानी रामलीला मैदान शुद्धिकरण विवाद में FIR, वाल्मीकि समाज ने लगाया अपमान का आरोप

हल्द्वानी (उत्तराखंड): कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक और आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

यह प्रकरण हल्द्वानी स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में हुए ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ से संबंधित टिप्पणी को लेकर दर्ज कराया गया है। जवाहर नगर निवासी 26 वर्षीय अमित कुमार, जो स्वयं वाल्मीकि (अनुसूचित जाति) समाज से हैं और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े हैं, की लिखित शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने राहुल गांधी को नामजद आरोपी बनाते हुए प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की है।

⚖️ शिकायतकर्ता का आरोप: ‘यज्ञ को जातिगत रंग देकर वाल्मीकि समाज की भावनाओं को पहुंचाया आघात’

शिकायतकर्ता अमित कुमार द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोप:

  • जातिगत रंग देने का आरोप: अमित कुमार का आरोप है कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यज्ञ और स्वच्छता कार्यक्रम को दुर्भावनापूर्ण तरीके से जातिगत रंग दिया तथा इसमें शामिल लोगों को छुआछूत का समर्थक व दलित विरोधी साबित करने का प्रयास किया।

  • खुद थे कार्यक्रम का हिस्सा: शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया कि 11 अगस्त को रामलीला मैदान की सफाई और वैदिक अनुष्ठान में वे स्वयं उपस्थित थे। इस आयोजन का किसी व्यक्ति विशेष या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जाति से कोई संबंध नहीं था।

  • तथ्यों की अनदेखी: शिकायत में कहा गया कि राहुल गांधी ने बिना किसी जमीनी सत्यापन के SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग की, जिससे समाज में वैमनस्य और तनाव का माहौल उत्पन्न हुआ।

🏟️ 8 अगस्त की जनसभा के बाद उपजा विवाद: मैदान में मिली थीं शराब की बोतलें

विवाद की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम:

  • 8 अगस्त की राजनीतिक रैली: कांग्रेस पार्टी ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित की थी, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल हुए थे।

  • गंदगी और आपत्तिजनक नारे: अमित कुमार का दावा है कि कार्यक्रम के समापन पर मैदान में भारी मात्रा में कचरा, शराब की खाली बोतलें और अशुद्ध वस्तुएं बिखरी मिली थीं। साथ ही कार्यक्रम में धार्मिक स्थल की मर्यादा के प्रतिकूल नारे लगाए गए थे।

  • 11 अगस्त को शुद्धि अनुष्ठान: मैदान की धार्मिक व सांस्कृतिक पवित्रता बहाल करने हेतु 11 अगस्त को स्थानीय लोगों व समिति द्वारा सफाई अभियान चलाकर हवन-शुद्धिकरण किया गया था।

📜 राहुल गांधी की 29 अगस्त की पीसी पर आपत्ति: धमकियां मिलने का आरोप

राहुल गांधी के बयान और उससे उत्पन्न स्थिति:

  • प्रेस कॉन्फ्रेंस का बयान: राहुल गांधी ने 29 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस शुद्धिकरण को छुआछूत और अपराध बताते हुए आयोजकों पर SC-ST एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

  • सुरक्षा को खतरा: शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद उन पर सामाजिक-राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है, धमकियां दी जा रही हैं और उनके परिवार की सुरक्षा व आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

👮 पुलिस ने BNS और SC-ST एक्ट के तहत दर्ज किया केस: NCSC को भेजी गई प्रति

कानूनी कार्यवाही और पुलिस का आधिकारिक पक्ष:

  • दर्ज धाराएं: हल्द्वानी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्यता फैलाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने तथा SC-ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की सुसंगत धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

  • दस्तावेजी साक्ष्य: पुलिस को प्रेस कॉन्फ्रेंस की वीडियो क्लिप, सोशल मीडिया पोस्ट और दोनों कार्यक्रमों के फोटोग्राफ्स बतौर साक्ष्य सौंपे गए हैं।

  • उच्चाधिकारियों को सूचना: दर्ज एफआईआर की प्रतिलिपि नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) को औपचारिक संज्ञान व विधिक कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दी गई है।

Related Articles

Back to top button