सीधी में बारिश का कहर: कैमूर पहाड़ पर धंसी मुख्य सड़क, अमिलिया-हनुमना मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद; पुलिस ने रास्ता किया सील

सीधी (मध्य प्रदेश): जिले में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते अमिलिया-हनुमना मार्ग पर स्थित कैमूर की पहाड़ी में सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पहाड़ की मिट्टी खिसकने के कारण सड़क का एक हिस्सा नीचे की ओर धंस गया, जिससे मार्ग पर किसी भी समय भीषण हादसे की आशंका पैदा हो गई। खतरे को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तत्काल प्रभाव से इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया है और सड़क को सील कर दिया है।
⚠️ केवल 8 फीट चौड़ा बचा रास्ता: चार स्थानों पर पहले से क्षतिग्रस्त थी सड़क
भूधंसाव की स्थिति और खतरे का दायरा:
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लगातार कटाव: भारी बारिश के चलते कैमूर पहाड़ी मार्ग पर लगभग 4 स्थानों पर सड़क पहले से ही क्षतिग्रस्त हो चुकी थी।
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सड़क का बड़ा हिस्सा समाया: मंगलवार रात और बुधवार दोपहर को लगातार हुए भूकटाव से सड़क का एक और बड़ा भाग नीचे धंस गया, जिसके बाद केवल 8 फीट चौड़ा संकरा रास्ता ही बाकी बचा है।
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गंभीर खतरा: दोनों ओर पहाड़ी और गहरी ढलान होने के कारण इस संकरे रास्ते से भारी वाहनों या यात्री बसों का गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया था।
🚔 पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता पूरी तरह किया बंद: थाना प्रभारी का बयान
सुरक्षा उपाय और मौके पर पुलिस बल:
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थाना प्रभारी का बयान: अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि कैमूर पहाड़ पर सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर और खतरनाक हो चुकी है, जहां कभी भी कोई बड़ा वाहन खाई में गिर सकता है।
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पूर्ण पाबंदी: किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए भारी वाहनों सहित सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर तत्काल प्रतिबंध लगाकर मार्ग को सील कर दिया गया है।
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पुलिस बल की तैनाती: नियमों का उल्लंघन रोकने और चालकों को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावित स्थल के दोनों ओर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
🛣️ हनुमना-मऊगंज होते हुए उत्तर प्रदेश को जोड़ता है यह मार्ग: हजारों यात्री प्रभावित
मार्ग का रणनीतिक और क्षेत्रीय महत्व:
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UP से कनेक्टिविटी: स्थानीय नागरिक राजाराम यादव के अनुसार, यह मार्ग अमिलिया से हनुमना होते हुए मऊगंज और आगे सीधे उत्तर प्रदेश की सीमा को जोड़ता है।
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2 हजार से अधिक मुसाफिर: इस रास्ते से प्रतिदिन लगभग 2,000 से अधिक ग्रामीण, व्यापारी और वाहन चालक आवागमन करते हैं।
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संपर्क टूटने से मुश्किलें: रास्ता बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और दैनिक यात्रियों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
🛠️ कमजोर पड़ी पहाड़ की मिट्टी: ग्रामीणों ने की तत्काल मरम्मत और वैकल्पिक मार्ग की मांग
प्रशासन के सामने चुनौतियां:
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लगातार बढ़ रहा कटाव: बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र की मिट्टी लगातार पोली हो रही है, जिससे सड़क का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है।
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ओवरलोड वाहनों से बढ़ा खतरा: स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी और ओवरलोड वाहनों के दबाव से सड़क लगातार धंस रही थी, जिसे समय रहते नहीं रोका गया।
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त्वरित मरम्मत की मांग: क्षेत्रीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि युद्धस्तर पर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराई जाए और जब तक मार्ग बहाल न हो, तब तक सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।





