ब्रेकिंग
सदाशिवपेट में 400 साल पुरानी ऐतिहासिक पुष्करिणी: इतिहास, संस्कृति और आस्था का बेजोड़ संगम नवी मुंबई के ऐरोली में दही हांडी उत्सव के दौरान हादसा: मानव पिरामिड गिरने से 34 वर्षीय गोविंदा की मौ... Sagar Hooch Tragedy: सागर के बंडा में जहरीली शराब का कहर, 11 लोगों की मौत; 25 अस्पताल में भर्ती महाराष्ट्र में MPSC के खिलाफ छात्रों का फूटा आक्रोश: चेयरमैन के इस्तीफे की मांग, राहुल गांधी का मिला... राजधानी में ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियां तेज: VVIP कारकेड के ड्राई रन से 35 से ज्यादा मार्ग रहेंगे प... Muzaffarnagar Crime News: जन्माष्टमी पर मंदिर गई 14 वर्षीय किशोरी से दरिंदगी, मुख्य आरोपी समीर गिरफ्... दुबई से पति को तलाशते हुए सतना पहुंची महिला: महिला थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत 🛕 खैरागढ़ के जमातपारा में 300 साल पुराना बनबिहारी मंदिर: कृष्ण भक्ति और रियासतकालीन इतिहास का संगम Durg News: दिव्यांगता को बनाया ताकत, दुर्ग के दृष्टिबाधित शिक्षक अवतार गुप्ता ने की डिजिटल एक्सेसिबि... Chhattisgarh BJP News: रायपुर में जुटेगा प्रबुद्ध वर्ग और ओबीसी मोर्चा, संगठन महामंत्री पवन साय देंग...
मध्यप्रदेश

Bhopal Fake IAS News: सोशल मीडिया पर रील बनाकर खुद को IAS बताने वाली तृप्ति राजपूत गिरफ्तार, लाखों की ठगी का पर्दाफाश

भोपाल (मध्य प्रदेश): सोशल मीडिया पर खुद को ‘ट्रेनी आईएएस अफसर’ बताकर धौंस जमाने और लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाली 30 वर्षीय तृप्ति सिंह राजपूत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी महिला खुद को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग में एडिशनल डायरेक्टर और ट्रेनी आईएएस अधिकारी के रूप में पेश करती थी। इस फर्जी पहचान के दम पर उसने दर्जनों युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने और कमर्शियल लीज दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी की।

इस पूरे गोरखधंधे का पर्दाफाश सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक व्लॉग (Vlog) के जरिए हुआ। वीडियो में गुलाबी साड़ी पहने तृप्ति सिंह राजपूत दो अन्य महिलाओं के साथ दिखाई देती है और हंसते हुए कहती है— “हम मध्य प्रदेश विधानसभा आए हैं। अंदर फोटोग्राफी मना है, इसलिए बाहर शूट कर रहे हैं। हमारी हरकतों को देखकर कोई कह नहीं सकता कि हम IAS अफसर हैं।” जब भोपाल पुलिस ने वीडियो की लोकेशन और दावों की पड़ताल की, तो पता चला कि यह वीडियो विधानसभा का नहीं बल्कि ‘मानव संग्रहालय’ की एक गैलरी में रिकॉर्ड किया गया था। पुलिस ने वीडियो में नजर आ रही अन्य दो महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने खुलासा किया कि तृप्ति ने उन्हें आईएएस की एक्टिंग करने को कहा था और उनसे भी 3-3 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।

💔 पति को भी झांसा देकर की थी शादी: चंदेरी में युवाओं से नौकरी के नाम पर ठगे 9.80 लाख रुपये

पीड़ितों की सूची और पारिवारिक धोखाधड़ी:

  • पति से भी किया फ्रॉड: भोपाल पुलिस (DCP विकास कुमार सहवाल) के अनुसार, तृप्ति के खिलाफ भोपाल और अशोकनगर जिलों में कुल 3 अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। आरोपी के पति ने पुलिस को बताया कि उसने खुद को आईएएस अफसर बताकर ही प्रेमजाल में फंसाकर शादी की थी, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद चल रहा था।

  • चंदेरी में ठगी का खेल: अप्रैल 2025 में तृप्ति अपने भाई सुधांशु सिंह के साथ चंदेरी स्थित ‘किला कोठी’ (टूरिज्म होटल) में ठहरी थी।

  • एचआरडी मंत्रालय में नौकरी का लालच: वहां उसने चार स्थानीय शिक्षित युवाओं को केंद्रीय मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्रालय में पक्की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उनसे ₹9.80 लाख नकद व उनके मूल शैक्षणिक दस्तावेज ऐंठ लिए।

🚘 ‘Government of India’ लिखी इनोवा और फर्जी CBI कार्ड बरामद: AI से बनाए गए थे दस्तावेज

बरामदगी और तकनीकी फर्जीवाड़ा:

  • जाल बिछाकर गिरफ्तारी: पुलिस ने पीड़ित युवकों की मदद से योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर तृप्ति और उसके भाई को दबोच लिया।

  • सर्च ऑपरेशन में सामग्री जब्त: भोपाल स्थित उसके फ्लैट की तलाशी में पुलिस को फर्जीवाड़े से जुड़े कई आपत्तिजनक सामान मिले, जिनमें एक टोयोटा इनोवा कार शामिल है जिस पर “Government of India” (भारत सरकार) की आधिकारिक पट्टी लगी हुई थी।

  • फर्जी दस्तावेज और मोमेंटो: घर से ट्रेनी आईएएस अधिकारी के नाम के फर्जी लेटरहेड, फर्जी पहचान पत्र, जाली जॉइनिंग लेटर, प्रशासनिक ट्रॉफियां और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA) मसूरी के बैकड्रॉप वाली तस्वीरें बरामद की गईं।

  • फर्जी सीबीआई कार्ड: उसके पास से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का एक फर्जी पहचान पत्र भी मिला। साइबर पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन जाली दस्तावेजों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स और उन्नत सॉफ्टवेयर की मदद से तैयार किया गया था।

⚖️ BNS की संगीन धाराओं में मामला दर्ज: स्टैम्प व लेटरहेड बनाने वाले मास्टरमाइंड चिन्हित

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच:

  • दो मुख्य सप्लायर चिन्हित: अशोकनगर पुलिस अधीक्षक (SP) राजीव कुमार मिश्रा के अनुसार, पुलिस ने उन दो मास्टरमाइंड्स की पहचान कर ली है जो तृप्ति को फर्जी सरकारी दस्तावेज, सील और स्टैम्प तैयार करके उपलब्ध कराते थे।

  • दर्ज धाराएं: पुलिस ने आरोपी तृप्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी, छद्म वेश धारण कर ठगी करने, आपराधिक साजिश रचने (धारा 61(2)) और सबूत नष्ट करने (धारा 238) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

  • फॉरेंसिक जांच जारी: जांच एजेंसियां आरोपी के जब्त लैपटॉप, हार्ड ड्राइव, मिटाए गए डिजिटल डेटा और बैंक खातों के वित्तीय लेन-देन की गहन फॉरेंसिक जांच कर रही हैं ताकि ठगी के इस पूरे अंतर-जिला सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

Related Articles

Back to top button