Bhopal News: भोपाल नगर निगम मुख्यालय में महापौर मालती राय की कार फूंकने की कोशिश, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी पर आरोप

भोपाल (मध्य प्रदेश): राजधानी भोपाल स्थित नगर निगम मुख्यालय परिसर में सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निगम की पार्किंग में खड़ी महापौर मालती राय की अधिकृत कार को आग के हवाले करने का प्रयास किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन की छत पर कागजों और रद्दी से भरी एक पॉलिथीन रखकर उसमें माचिस लगा दी गई। गनीमत यह रही कि परिसर में उपस्थित सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों ने धुआं और लपटें उठते ही त्वरित सक्रियता दिखाई और समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे कार पूरी तरह जलने से बच गई। जिस समय यह घटना घटी, महापौर मालती राय मुख्यालय के प्रथम तल पर स्थित अपने आधिकारिक केबिन में मौजूद थीं।
🔥 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी नेता पर आरोप: नियमितीकरण को लेकर किया हंगामा
घटनाक्रम और आरोपी से जुड़े तथ्य:
-
आरोपी की पहचान: प्रत्यक्षदर्शियों और निगम कर्मियों के मुताबिक, घटना को अंजाम देने वाला शख्स दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी सुनील रैकवार है, जो ‘सम्राट अशोक कर्मचारी संगठन’ का अध्यक्ष भी बताया जा रहा है।
-
नियमितीकरण की मांग पर रोष: वह दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत था और मांगें पूरी न होने के कारण भारी आक्रोश में था।
-
कार पर रखी जलती पॉलिथीन: आरोप है कि उसने मुख्यालय पहुंचकर पहले नारेबाजी की और फिर कागजों से भरी पॉलिथीन को महापौर की कार की छत पर रखकर आग लगा दी। इसके बाद वह खुलेआम सरकार, मंत्रियों और महापौर के विरुद्ध नारेबाजी करने लगा।
-
एफआईआर के आदेश: मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने संबंधित अधिकारियों को आरोपी कर्मचारी के खिलाफ पुलिस में त्वरित आपराधिक एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
🏃 कर्मचारियों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा: आग बुझाते समय एक कर्मी का हाथ झुलसा
बचाव कार्य और सतर्कता:
-
लपटें देख दौड़े कर्मचारी: महापौर की कार के ऊपर आग भड़कती देख पास में मौजूद निगम कर्मचारी तत्काल अग्निशमन यंत्र और पानी लेकर दौड़े।
-
कर्मचारी झुलसा: आग पर काबू पाने की मशक्कत के दौरान एक कर्मचारी का हाथ मामूली रूप से झुलस गया।
-
बड़ा नुकसान टला: कर्मचारियों की तत्परता और सूझबूझ के चलते आग पेट्रोल/डीजल टैंक या वाहन के संवेदनशील हिस्सों तक नहीं पहुंच सकी, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
📋 29 दिवस वाले कर्मियों को स्थाई करने और पेंशन की मांग: लंबे समय से उठ रही थीं आवाजें
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों का ब्योरा:
-
स्थाईकरण की मांग: दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग 29 दिवस वाले कर्मचारियों को अविलंब नियमित और स्थाई करने की है।
-
वेतनमान और पेंशन: शासन के अन्य विभागों के कर्मचारियों की तर्ज पर आठवां वेतनमान लागू करने तथा सेवानिवृत्ति के पश्चात सुरक्षित पेंशन लाभ देने की मांग की जा रही है।
-
दलालों से मुक्ति: इसके साथ ही नगर निगम में कर्मचारियों के प्रशासनिक कार्यों के नाम पर सक्रिय बिचौलियों और दलालों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी शामिल है।
📹 CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रशासनिक कदम और जांच:
-
गाड़ी का स्थान बदला: घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से महापौर की गाड़ी को उस पार्किंग स्थल से हटाकर दूसरी सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित कर दिया गया।
-
सीसीटीवी की जांच: मुख्यालय परिसर और पार्किंग में स्थापित सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को पुलिस द्वारा जब्त कर खंगाला जा रहा है ताकि घटनाक्रम का पूरा साक्ष्य रिकॉर्ड किया जा सके।
-
कमिश्नर का बयान: निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने दो टूक शब्दों में कहा कि मुख्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की अराजकता या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आरोपी पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।





