Birender Singh on Haryana Youth Jobs: हरियाणा में बेरोजगारी और शिक्षा के गिरते स्तर पर बरसे बीरेंद्र सिंह, कौशल रोजगार निगम पर साधा निशाना

भिवानी: पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह डूमरखां मंगलवार को भिवानी पहुंचे और स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया. इस दौरान युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने की जोरदार वकालत करने वाले बीरेंद्र सिंह ने खुद भी मुख्यमंत्री बनने की संभावना और अपनी इच्छा से बिल्कुल इनकार नहीं किया. उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि वह भिवानी की जाट धर्मशाला में 27 सितंबर को शाम 3 बजे होने वाले कांग्रेस के जिला स्तरीय सम्मेलन का निमंत्रण देने पहुंचे थे.
🤝 2. भूपेंद्र हुड्डा को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं, कहा- कांग्रेस में गुटबाजी नहीं बल्कि संगठन के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया है
पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनके साथ उनका राजनीतिक ही नहीं, बल्कि पारिवारिक और व्यक्तिगत दोस्ती का गहरा नाता है. उन्होंने कहा कि अब हरियाणा कांग्रेस की कमान किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं है, बल्कि सीएलपी नेता, प्रदेश अध्यक्ष और नया संगठन मिलकर काम करेंगे. उन्होंने पार्टी में गुटबाजी को नकारात्मक मानने के बजाय इसे संगठन के पुनर्निर्माण की एक स्वाभाविक प्रक्रिया करार दिया.
🎓 3. बेरोजगारी और शिक्षा के गिरते स्तर पर जताई गहरी चिंता, कौशल रोजगार निगम को लेकर सरकार पर बोला हमला
युवाओं के मुद्दों पर बोलते हुए चौ. बीरेंद्र सिंह ने प्रदेश में बेरोजगारी और शिक्षा के गिरते स्तर पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आज हरियाणा का युवा अपने भविष्य को लेकर बेहद आशंकित है, और मेडिकल तथा इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटों का खाली रह जाना उच्च शिक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है. इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा कौशल रोजगार निगम पर करारा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि पक्की नौकरियों की जगह अस्थायी रोजगार देकर सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है.
📢 4. राहुल गांधी के प्रतिरोध अभियान को घर-घर पहुंचाने का ऐलान, दबाव में रहने वाले नेताओं पर भी साधा निशाना
बीरेंद्र सिंह ने ऐलान किया कि राहुल गांधी द्वारा चलाए जा रहे प्रतिरोध अभियान को हरियाणा में जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, जिसमें युवाओं, किसानों और पीड़ित वर्गों को जोड़ा जाएगा. वहीं, कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं के केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में होने के सवाल पर उन्होंने दो टूक कहा कि जो नेता दबाव में हैं, वे भले ही दबे रहें, लेकिन जिन पर कोई दबाव नहीं है, उन्हें मैदान में उतरकर जनता की लड़ाई लड़नी होगी. साथ ही उन्होंने देश के किसान और मजदूर वर्ग को आज भी बड़े आर्थिक सुधारों के बाद अपेक्षित लाभ न मिलने की बात कही.





