ब्रेकिंग
Dhamtari Maratha Community: मराठा पारा में जीवंत हुई सदियों पुरानी संस्कृति; महालक्ष्मी पूजा में उमड... Chhattisgarh CM Visit: रायगढ़ के बनोरा आश्रम में सीएम साय ने खाया पंगत में प्रसाद; 8 एकड़ में बने आध... Ranchi TB Free Mission: टीबी मुक्त झारखंड के लिए NHM की बड़ी पहल; 350 NCC कैडेट्स बने 'माई भारत वॉलि... Katras Coalfield Threat: धनबाद में भू-धंसान प्रभावित परिवारों को अटल क्लिनिक में मिली शरण; बेलगड़िया... Surender Koli Death Mystery: हरिद्वार में मृत मिले सुरेंद्र कोली को लेकर पीड़ित परिवार का आरोप, 'जान... FDA Alert Maharashtra: इंदौर की कंपनी द्वारा निर्मित पैरासिटामोल व टेल्मिसर्टन टैबलेट्स की जांच रिपो... Beneshwar Dham News: डूंगरपुर में भारी बारिश से टापू बना प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम; त्रिवेणी संगम उफान प... Maharashtra Railway Infrastructure: मुकुटबन-गडचांदूर के बीच बनेगी 38 किमी नई रेल लाइन; ₹493 करोड़ की... UP Crime & Accident News: तेज रफ्तार कार बिजली के खंभे और पेड़ से टकराई, दो दोस्तों की दर्दनाक मौत स... Surender Koli Suicide News: निठारी कांड के चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत, हरिद्वार में ल...
उत्तरप्रदेश

68500 Teacher Recruitment Reservation Dispute: लखनऊ में 17 दिन से धरना जारी, पीएम को खून से लिखा पत्र

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में पिछले 17 दिनों से 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं। यह पूरा मामला शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े विवाद का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के खास मौके पर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने अनोखा तरीका अपनाते हुए पहले रक्तदान किया और फिर उसी खून से प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखा। इन पत्रों के माध्यम से पीएम से इस मामले में हस्तक्षेप करने और न्याय की गुहार लगाई गई है। अभ्यर्थियों ने पीएम मोदी के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह के नाम भी पत्र भेजे हैं।

📜 2. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन की मांग, बारिश-गर्मी में भी जारी है आंदोलन

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े विवाद का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। उनका दावा है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से जो आदेश जारी किया गया था, उसका सही से अनुपालन कराया जाए। मौसम चाहे बारिश का हो या तेज गर्मी का, अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक सरकार की तरफ से कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

🔍 3. पुराना है 68,500 शिक्षक भर्ती का विवाद, ओबीसी और दिव्यांग अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग

यह पूरा मामला कोई नया नहीं है, बल्कि 68,500 शिक्षक भर्ती की चयन प्रक्रिया, आरक्षण और अधिकारों को लेकर लंबे समय से विवादों में रहा है। अब इस मौजूदा आंदोलन में अभ्यर्थी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश को आधार बना रहे हैं। खून से लिखे गए इन खतों में ओबीसी और दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनका हक और न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की गई है, ताकि इस लंबे खिंच चुके विवाद का स्थाई समाधान निकल सके।

Related Articles

Back to top button