MP News: भोपाल मास्टर प्लान 2047 में मकान-दुकान होंगे साथ, CM मोहन यादव ने मांगे सुझाव, जानें बड़ी बातें

भोपाल के मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इस ड्राफ्ट में भोपाल के नेचुरल इकोसिस्टम का पूरा ध्यान रखते हुए ग्रोथ कॉरिडोर बनाने पर फोकस किया गया है। वर्ष 2047 तक के विकास के लिए जारी हुए इस ड्राफ्ट में 3 हजार हेक्टेयर भूमि ग्रोथ कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित की गई है, जिसमें भोपाल के आस-पास के 254 गांवों को शामिल किया जाएगा। यह प्लान 45 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस ड्राफ्ट की खासियत यह है कि शहर में अब मकान और दुकान साथ-साथ हो सकते हैं। भोपाल की कुदरती खूबसूरती और हरियाली का ख्याल रखते हुए ग्रीन एरिया को 16 प्रतिशत से बढ़ाकर अब 27 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव है। अब इस प्रस्ताव पर आम नागरिकों के सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
🛣️ 3000 हेक्टेयर का ग्रोथ कॉरिडोर प्रस्तावित
मास्टर प्लान ड्राफ्ट में भोपाल विकास योजना-2047 के प्रस्ताव के तहत करीब 3 हजार हेक्टेयर का ग्रोथ कॉरिडोर प्रस्तावित है। निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने के उद्देश्य से 51 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की परिकल्पना की गई है। यह ग्रोथ कॉरिडोर एजुकेशन, नॉलेज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक भंडारण एवं थोक परिक्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न उपनगरों को भी जोड़ेगा। इस कॉरिडोर पर मिश्रित उपयोग (Mix Land Use) के साथ उच्च घनत्व वाले विकास की परिकल्पना है। यहां लोक परिवहन के लिए बीआरटीएस कॉरिडोर भी प्रस्तावित है।
🚗 रेडियल मार्ग से जुड़ेंगे प्रमुख रास्ते
ग्रोथ कॉरिडोर में नगर के बाहर विभिन्न दिशाओं से आने वाले क्षेत्रीय मार्ग— जैसे विदिशा मार्ग, रायसेन मार्ग, नर्मदापुरम मार्ग एवं इन्दौर मार्ग— को ग्रोथ कॉरीडोर के जरिए शहर से जोड़ा जाएगा। इससे मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विभिन्न भागों में बेहतर संपर्क स्थापित होगा। विकास योजना के तहत इस कॉरिडोर एवं इसके रेडियल मार्गों का विकास भोपाल विकास प्राधिकरण करेगा। निवेश क्षेत्र की बाहरी सीमा पर स्थित नवीन प्रस्तावित बायपास मार्ग को ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है, जिसके दोनों ओर 50-50 मीटर भूमि हरित क्षेत्र के लिए आरक्षित रहेगी।
🏢 मिक्स लैंड यूज और गगनचुंबी इमारतों को मंजूरी
मास्टर प्लान ड्राफ्ट में राज्य की टीओडी (TOD) नीति के अनुरूप, मार्ग की चौड़ाई के आधार पर आवासीय उपयोग के तहत ‘मिक्स लैंड यूज’ प्रस्तावित किया गया है, ताकि वर्क स्पेस और रेजिडेंशियल एरिया में बेहतर तालमेल हो सके। असीमित FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) और भवन की ऊंचाई के जरिए भूमि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। अधिक चौड़े मार्गों पर स्थित जमीनों को FAR और भवन की ऊंचाई की सीमा से मुक्त रखा गया है, जिसका मतलब है कि भोपाल में भी अब गगनचुंबी इमारतें बन सकेंगी। साथ ही भूतल कवरेज को हटाया गया है, जिससे नागरिकों और बिल्डर्स को बेहतर डिजाइन विकल्प मिलेंगे।
🌳 शहर की हरियाली 16% से बढ़कर 27% होगी
भोपाल मास्टर प्लान 2005 में ग्रीन एरिया 16 प्रतिशत था, जिसे 2047 की योजना में बढ़ाकर लगभग 27 प्रतिशत कर दिया गया है। भानपुर खंती के पुर्नविकास के लिए वहां गोल्फ कोर्स प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा, कॉलोनी स्तर पर भी खुला क्षेत्र 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किया गया है। सर्विस एरिया के लिए भी 2 प्रतिशत अतिरिक्त क्षेत्रफल रखा जाना आवश्यक होगा। शहर में अफोर्डेबल हाउसिंग (किफायती आवास) और रेंटल हाउसिंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। 70 प्रतिशत रहवासियों की सहमति से RWA आवासीय अपार्टमेंट का पुर्नविकास कर सकेगी।
🅿️ पार्किंग स्पेस और स्मार्ट सिटी पर जोर
योजना के क्रियान्वयन और रियल टाइम पर्यवेक्षण के लिए ‘डिजिटल ट्विन सिटी’ की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया है। शहर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर निजी सीसीटीवी कैमरों की नेटवर्किंग, बाउण्ड्री वॉल को पारदर्शी रखने और सुरक्षित यातायात के प्रावधान शामिल हैं। ड्राफ्ट में मल्टीलेवल पार्किंग, मेकेनाइज्ड पार्किंग, सामुदायिक खुले क्षेत्रों और फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग की विशेष व्यवस्था के साथ-साथ बेसमेंट पार्किंग के नियम भी तय किए गए हैं।
🤝 प्राइवेट पार्टनरशिप और एजुकेशन हब का प्लान
ड्राफ्ट में यह भी प्रावधान है कि निजी विकासकर्ताओं (Private Developers) द्वारा भी विकास योजना के मार्गों का निर्माण किया जा सकेगा। इसके लिए शासकीय भूमि अथवा TDR (ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स) के माध्यम से भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। भौंरी क्षेत्र में एजुकेशन हब के विकास के लिए ‘एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (EKAI) सिटी’ की परिकल्पना की गई है। अनाथ आश्रम, मूक बधिर विद्यालय, वृद्धाश्रम और रैन बसेरा जैसी चैरिटेबल गतिविधियों को FAR क्रय करने की बाध्यता से मुक्त रखा गया है।
🗣️ CM मोहन यादव की अपील- नागरिकों से मांगे सुझाव
इस ड्राफ्ट को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर- भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है।” उन्होंने बताया कि योजना में हरित TDR का प्रावधान किया गया है। सीएम ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रकाशित प्रारूप पर अपने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करें।
