ब्रेकिंग
MP Crime and Social News: छपारा के जामुन टोला गांव में शराब और जुआ-सट्टे पर प्रतिबंध, थाने पहुंचकर म... Jyotiraditya Scindia in Gwalior: केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने निभाई 300 साल पुरानी परंपरा, मंसूर शाह क... MP Wildlife News: इंदौर से आई विशेष टीम ने बुरहानपुर में पकड़ा रीछ, शहडोल के केशवाही में भी भालू के ... Bhopal News: सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर पुलिस की पैनी नजर, प्रशासन ने लोगों से की शा... MP Fraud News: रतलाम में करोड़ों की ठगी और संपत्तियों की जांच तेज, आरोपी महिला के कारनामों से जुड़ी ... Clean Drinking Water Bihar: नल-जल योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश पर पीएचईड... Maharashtra Government Decision: सूखा प्रभावित इलाकों के बीच लोकायुक्त कार्यालय के लिए कारों पर खर्च... Medical Certification Report: कर्नाटक में दिल और सांस के बाद किडनी बनी मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण, ... Golden Book of World Records: कानपुर में दीपों से बनी कलात्मक आकृतियों ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 500 ... Patna ADM Corruption Case: आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई, 1.06 करोड़ के अवैध साम्राज्य ...
उत्तरप्रदेश

UP Sweets Use By Date Mandatory: उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को लेकर खाद्य विभाग सख्त, जानिए उत्तर प्रदेश में मिठाई बिक्री के नए नियम

उत्तर प्रदेश में मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. इसके तहत अब राज्य में 15 अक्टूबर 2026 से बिक्री के लिए प्रदर्शित और भंडारित की जाने वाली सभी खुली मिठाइयों पर ‘यूज बाई डेट’ यानी उपयोग की अंतिम तिथि प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है. अब तक केवल पैक्ड मिठाइयों पर ही यह जानकारी होती थी, लेकिन इस नए नियम से खुली मिठाइयों के मामले में भी पारदर्शिता आएगी.

🕒 2. मिठाइयों की उपयोग अवधि 1 दिन से लेकर 30 दिन तक संभव: मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी की सही जानकारी मिलने से बढ़ेडा जागरूकता

खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. रोशन जैकब द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अलग-अलग मिठाइयों की प्रकृति के आधार पर उनकी उपयोग अवधि 1 दिन से लेकर 30 दिन तक हो सकती है. समय बीतने के साथ मिठाइयों की गुणवत्ता और ताजगी प्रभावित होती है, जिसके चलते उपभोक्ता को यह स्पष्ट जानकारी होना जरूरी है कि खाद्य पदार्थ का सेवन किस अवधि तक किया जाना सुरक्षित है. विभाग के इस कदम से ग्राहकों को बाजार से मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी के बारे में सही और पारदर्शी निर्णय लेने में मदद मिलेगी.

🚫 3. मिल्क प्रोसेसिंग इकाइयों में एथिलीन ग्लाइकोल के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक: प्रोपिलीन ग्लाइकोल के प्रयोग के दिए निर्देश

मिठाई के नियमों के साथ-साथ विभाग ने दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट्स में ‘एथिलीन ग्लाइकोल’ और ‘डाई एथिलीन ग्लाइकोल’ के कूलेंट के रूप में इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है. निरीक्षण के दौरान सामने आया था कि कुछ यूनिट्स में इनका उपयोग कूलेंट के रूप में किया जा रहा था, जिससे लीकेज होने पर इनके दूध में मिलने और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा होने की आशंका थी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि इनके स्थान पर सुरक्षित विकल्प के तौर पर ‘प्रोपिलीन ग्लाइकोल’ का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

Related Articles

Back to top button