हरियाणा CMO में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: अरुण कुमार गुप्ता की सेवानिवृत्ति के बाद नए सिरे से बंटे विभाग

हरियाणा के प्रशासनिक गलियारे और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है।
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय के अंतर्गत कार्यरत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विभिन्न विभागों के कार्यभार का नए सिरे से आवंटन कर दिया है।
यह अहम बदलाव मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव (PSCM) रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता की 30 सितंबर को विधिवत सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद अमल में लाया गया है। गुप्ता के पास मौजूद महत्वपूर्ण विभागों और जिम्मेदारियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सीएमओ के शीर्ष नेतृत्व के बीच कार्यों का पुनर्गठन किया गया है।
👔 मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर की केंद्रीय भूमिका: सीएमओ के कामकाज पर रहेगा सीधा नियंत्रण
सीएमओ के शीर्ष नेतृत्व और कार्यप्रणाली का विवरण:
-
राजेश खुल्लर बने रहेंगे मुख्य प्रधान सचिव: मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव (Chief Principal Secretary to CM) के पद पर सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजेश खुल्लर यथावत अपनी सेवाएं देते रहेंगे।
-
नीतिगत फैसलों का केंद्र: शासन के सबसे महत्वपूर्ण विभागों की देखरेख के साथ-साथ खुल्लर पूरे सीएमओ के समग्र कामकाज, विधायी मामलों और मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं की निगरानी में केंद्रीय भूमिका निभाते रहेंगे।
-
प्रशासनिक समन्वय: राज्य के विभिन्न प्रशासनिक विभागों और मुख्यमंत्री के बीच त्वरित नीतिगत समन्वय स्थापित करने का जिम्मा मुख्य प्रधान सचिव के पास ही केंद्रित रहेगा।
📑 अरुण गुप्ता के पास थे 10 अहम विभाग: रिटायरमेंट के बाद जिम्मेदारियों का नए सिरे से पुनर्गठन
विभागों के स्थानांतरण और पुनर्गठन की पृष्ठभूमि:
-
10 विभागों का प्रभार: सेवानिवृत्त होने से पूर्व आईएएस अरुण कुमार गुप्ता सीएमओ में बतौर प्रधान सचिव 10 महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाल रहे थे।
-
सेवा विस्तार का पेच: केंद्र सरकार की ओर से सेवा विस्तार (Extension) न मिलने के कारण 30 सितंबर को उनकी नियमित सरकारी सेवा समाप्त हो गई थी।
-
कामकाज को गति देने का निर्णय: गुप्ता के रिटायर होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने शासन और नीतिगत क्रियान्वयन में किसी तरह का व्यवधान न आने देने के उद्देश्य से इन 10 विभागों को सीएमओ के अन्य वरिष्ठ अफसरों के बीच व्यवस्थित रूप से बांट दिया है।
⚙️ सीएमओ के अन्य अधिकारियों को मिलीं नई जिम्मेदारियां: फाइलों के निपटारे में आएगी तेजी
नए आवंटन के प्रशासनिक प्रभाव और आगामी रूपरेखा:
-
कार्य आवंटन का पुनर्गठन: नए आदेशों के तहत जनहित से जुड़े प्रोजेक्ट्स, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े विभागों की फाइलों के त्वरित निपटारे के लिए जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।
-
सीएम घोषणाओं की मॉनिटरिंग: मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं (CM Announcements), बजट घोषणाओं और फ्लैगशिप प्रोजेक्ट्स के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किया गया है।
-
पारदर्शिता और सुशासन: इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक तंत्र में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना और फाइलों के लंबित रहने की प्रक्रिया को समाप्त कर जनता से जुड़े कार्यों को गति प्रदान करना है।
यहां देखें लिस्ट…






