मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर बवाल: मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन, 500 पर FIR

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क मैदान में बिना पुलिस अनुमति के विरोध प्रदर्शन करने के मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है।
मुंबई पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत लगभग 500 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
आरोप है कि 2 अक्टूबर की शाम 4 बजे से 7 बजे के दौरान शिवाजी पार्क में नियमों को ताक पर रखकर यह आंदोलन किया गया। पुलिस के अनुसार, अनुमति रद्द होने के बावजूद बड़ी तादाद में भीड़ जुटाई गई, सार्वजनिक सभा की गई, उग्र नारेबाजी हुई और मुख्य मार्ग पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर का उपयोग कर शांति व्यवस्था को बाधित किया गया।
📋 CJP के प्रमुख नेताओं समेत कई कार्यकर्ताओं पर नामजद केस: BNS की धाराओं में मामला दर्ज
प्राथमिकी में नामजद आरोपियों और कानूनी धाराओं का विवरण:
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प्रमुख नेताओं पर केस: एफआईआर में CJP नेता अभिजीत दीपके, अजिंक्य शिंदे, प्रणय अहिरे, आशुतोष रांका और सौरभ दास के नाम मुख्य रूप से दर्ज किए गए हैं।
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अन्य नामजद कार्यकर्ता: इनके अलावा एफआईआर में आफरीन नवाज, सौम्या कोर्डे, अंकित भारद्वाज, विजय मालगी और योगेश इंगले सहित अन्य को भी आरोपी बनाया गया है।
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दर्ज की गई धाराएं: शिवाजी पार्क थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2) और 223 के साथ-साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 37(3) और धारा 135 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🚫 मुंबई पुलिस ने नहीं दी थी प्रदर्शन की इजाजत: अनुमति न होने पर भी जुटाई गई भीड़
प्रशासनिक पाबंदी और पुलिसिया कार्रवाई का ब्योरा:
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अनुमति से साफ इनकार: मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 2 अक्टूबर को CJP द्वारा शिवाजी पार्क में सभा और आंदोलन करने के संबंध में दी गई अर्जी को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर खारिज कर दिया गया था।
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आदेश की अवहेलना: पुलिस की मनाही के बावजूद पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक पार्क में जमा हुए और सार्वजनिक गतिविधियों में अवरोध पैदा किया।
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जांच जारी: पुलिस ने मौके पर मौजूद वीडियो फुटेज और सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर भीड़ में शामिल अन्य अज्ञात चेहरों की पहचान करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
⚠️ NHRC ने CJP को भेजा नोटिस: प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों के इस्तेमाल पर मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का कड़ा संज्ञान:
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नाबालिगों को ढाल बनाने का आरोप: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने CJP के विरोध प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों को अवैध रूप से जुटाने और शामिल करने की शिकायत पर कड़ा रुख अपनाया है।
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सोची-समझी रणनीति पर सवाल: आयोग को मिली शिकायत के मुताबिक, पुलिस की वैधानिक कार्रवाई से बचने के लिए बच्चों को जानबूझकर आगे किया गया था।
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कार्रवाई रिपोर्ट तलब: मानवाधिकार आयोग ने इस कृत्य को गंभीर उल्लंघन मानते हुए पार्टी और संबंधित तंत्र से मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट (Action Taken Report) मांगी है।
🏛️ दिल्ली में भी गरमाया मामला: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के चलते दर्ज हुईं तीन अलग-अलग FIR
राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिस हिरासत का विवरण:
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दिल्ली में 3 एफआईआर दर्ज: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध का असर दिल्ली में भी दिखा, जहां जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं (दो संसद मार्ग थाने में और एक कनॉट प्लेस थाने में)।
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1000 से अधिक लोग हिरासत में: 2 अक्टूबर को छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा जंतर-मंतर तक मार्च निकालने की कोशिश की गई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
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नेताओं को लिया गया हिरासत में: पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके से कई प्रमुख नेताओं और 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया।





