BJP vs Shinde Sena: नागपुर में बीजेपी के सामने बागी पूर्व विधायक की चुनौती, सीटों के बंटवारे के बाद गठबंधन में बढ़ी सियासी हलचल

महाराष्ट्र विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के आगामी चुनावों को लेकर सत्ताधारी महायुति के भीतर ही खींचतान तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी सूची जारी कर तीन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, लेकिन पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर शिवसेना के शिंदे गुट ने भी अपने उम्मीदवार को उतारने का कड़ा फैसला किया है। इसके चलते गठबंधन के दोनों प्रमुख दलों के बीच सीधे मुकाबले के पूरे आसार बनते नजर आ रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलचल काफी बढ़ गई है।
🎯 पुणे स्नातक और नागपुर सीटों का समीकरण: स्मिता जाधव को टिकट, नागपुर में बागी पूर्व विधायक से मिल रही चुनौती
भाजपा ने पुणे स्नातक सीट से डॉ. स्मिता जाधव को मैदान में उतारा है, जो कोल्हापुर क्षेत्र और शैक्षणिक संस्थानों के मजबूत वोट बैंक को साधने की रणनीति का हिस्सा है। वहीं, नागपुर स्नातक सीट से सुधाकर कोहले को टिकट मिलने के बाद पार्टी के भीतर बगावत के सुर उठने लगे हैं। पूर्व विधायक अनिल सोले ने टिकट न मिलने पर नाराजगी जताते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, जिससे नागपुर में आधिकारिक उम्मीदवार के सामने अपनों की ही बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।
⚔️ पुणे शिक्षक सीट पर आमने-सामने आ सकते हैं महायुति के घटक दल: उदय सामंत के बयान ने बढ़ाई सरगर्मी
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने कौस्तुभ गावडे को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन इसी सीट पर शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी चुनाव लड़ने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। शिवसेना नेता और मंत्री उदय सामंत ने स्पष्ट किया है कि पार्टी इस सीट से अपना प्रत्याशी उतारेगी। यदि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि से पहले दोनों दलों के बीच कोई आपसी समझौता नहीं होता है, तो महायुति के दोनों घटक दल एक-दूसरे के आमने-सामने चुनावी मैदान में नजर आ सकते हैं।





