ब्रेकिंग
Medical Fraud: सात्विक के खून की रिपोर्ट में गड़बड़ी का आरोप, कोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने की कार्रव... Uttarakhand Murder Case: वनंतरा रिसॉर्ट कांड के दोषियों को सजा के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन, अंकिता ... Madhya Pradesh Navratri: अन्न-जल त्यागकर मौन व्रत और शरीर पर जवारे बोए, रीवा के भक्त की अद्भुत भक्ति... Barwani News: बड़वानी के प्रसिद्ध मां मोटी माता मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, 200 साल पुरानी स्वयं... Legal Notice: दशहरे पर रावण दहन की परंपरा पर उठे सवाल, क्या अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी को हुआ था वध? Digvijay Singh Padayatra: 20 अक्टूबर से उज्जैन से शुरू होगी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा', अयोध्या त... Damoh Dog Bite News: दमोह में पागल कुत्तों का आतंक, एक ही वार्ड में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को बनाय... Shivpuri News: कंकाल की प्रतिमा और अजब रहस्यों से जुड़ा बलारी माता मंदिर, नवरात्रि में उमड़ती है भार... Jagdalpur Adawal School: दिव्यांग छात्रों ने किया चक्काजाम और प्रदर्शन, समाज कल्याण विभाग के आश्वासन... PMGSY Plastic Roads: कोरबा में प्लास्टिक कचरे से डामर की सड़कें बनाने की तैयारी, स्वसहायता समूहों को...
मध्यप्रदेश

Legal Notice: दशहरे पर रावण दहन की परंपरा पर उठे सवाल, क्या अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी को हुआ था वध?

उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में विजयादशमी (दशहरे) पर होने वाले रावण दहन को लेकर धार्मिक परंपरा और शास्त्रीय मान्यताओं के आधार पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। शहर की चार प्रमुख दशहरा उत्सव समितियों के संयोजकों को एडवोकेट अश्विनी चौधरी के माध्यम से अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर रावण दहन किए जाने की परंपरा पर कड़ी आपत्ति जताई गई है और संबंधित समितियों से धार्मिक ग्रंथों के साक्ष्य के आधार पर प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की गई है। साथ ही 7 दिनों के भीतर स्पष्ट जवाब न मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

📜 वाल्मीकि रामायण, पद्म और स्कंद पुराण का हवाला: ग्रंथों के अनुसार चैत्र माह में हुआ था रावण वध

अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के संस्थापक एवं अध्यक्ष महेश पुजारी की ओर से जारी इस नोटिस में वाल्मीकि रामायण, पद्म पुराण और स्कंद पुराण का उल्लेख करते हुए भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी घटनाओं की तिथियों का ब्योरा दिया गया है। नोटिस जारी करने वाले पक्ष का दावा है कि इन प्राचीन ग्रंथों के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि रावण का वध आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी को नहीं, बल्कि चैत्र कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को हुआ था। इसके अलावा रावण के चरित्र, उसके मोक्ष और भगवान श्रीराम के साथ युद्ध की धार्मिक व्याख्या पेश करते हुए प्रचलित परंपरा और ग्रंथों की तिथियों के बीच अंतर को स्पष्ट करने की मांग की गई है।

Related Articles

Back to top button