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झारखण्ड

Koderma District Cricket Association Controversy: कोडरमा जिला क्रिकेट संघ के कामकाज पर उठे सवाल, वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत पर जेएससीए से जांच की मांग

रांची: कोडरमा जिला क्रिकेट संघ (KDCA) के कामकाज को लेकर विवाद दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है। संघ के सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) के पदाधिकारियों और कोडरमा उपायुक्त से आधिकारिक शिकायत कर उच्च स्तरीय जाँच की माँग की गई है। इस शिकायत में संघ के बैंक खाते में जमा और निकाली गई लाखों रुपये की राशि, आजीवन सदस्यता शुल्क, वार्षिक ऑडिट, आमसभा (AGM), चुनाव प्रक्रिया और पिछले तीन साल से जिला क्रिकेट लीग के ठप पड़े आयोजन को लेकर कई तीखे सवाल खड़े किए गए हैं।

📋 झारखंड राज्य क्रिकेट संघ और स्थानीय क्लबों के गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता कोडरमा वीर स्पोर्टिंग क्लब के सचिव हर्ष कुमार सिंह का कहना है कि इस पूरे मामले की जानकारी झारखंड राज्य क्रिकेट संघ को कई बार ईमेल और पत्राचार के माध्यम से दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ।

वहीं, कोडरमा के उभरते हुए क्रिकेटरों और विभिन्न खेल क्लबों से जुड़े लोगों ने भी संघ की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका सीधा आरोप है कि संघ के कामकाज में पारदर्शिता की भारी कमी है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर स्थानीय क्रिकेट के स्तर और युवा खिलाड़ियों के भविष्य पर पड़ रहा है।

💰 वित्तीय गड़बड़ी की आशंका और बैंक खातों के लेन-देन पर सवाल

शिकायत पत्र में 1 जनवरी 2018 से 7 अगस्त 2026 तक के बैंक विवरण का विस्तृत हवाला दिया गया है। इसके मुताबिक, इस अवधि के दौरान बैंक खाते में लगभग 88.35 लाख रुपये जमा हुए, जबकि करीब 83.06 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि की निकासी की गई। शिकायतकर्ता ने कई निकासी प्रविष्टियों में स्पष्टता न होने का आरोप लगाया है। दस्तावेज में अपने नाम से जारी चेक और सेल्फ चेक के माध्यम से निकाली गई राशि का वर्षवार ब्योरा भी पेश किया गया है, जिसमें साल 2025 में 8 लाख रुपये के सेल्फ चेक समेत कई अन्य संदेहास्पद निकासी शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने इन सभी लेन-देन के वास्तविक उद्देश्यों और संबंधित दस्तावेजों की गहराई से जाँच करने की माँग की है।

📝 सदस्यता शुल्क, ऑडिट, AGM और जिला लीग पर भी उठे सवाल

  • सदस्यता शुल्क का हिसाब: नियमों के अनुसार आजीवन सदस्यता शुल्क 3 हजार रुपये और क्लब या स्कूल की संबद्धता शुल्क 1 हजार रुपये प्रति सत्र निर्धारित है, लेकिन बैंक विवरण में इन मदों से जमा राशि का स्पष्ट हिसाब नहीं मिलता।

  • ऑडिट और चुनाव: संघ के खातों के वार्षिक ऑडिट, ऑडिट समिति, वार्षिक आमसभा और पदाधिकारियों के चुनाव को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। मतदाता सूची और सदस्यता रजिस्टर में कथित अनियमितताओं की जाँच की माँग की गई है।

  • जिला लीग का ठप होना: दस्तावेजों में यह भी कहा गया है कि पिछले लगभग 3 वर्षों से जिले में एक भी जिला क्रिकेट लीग का आयोजन नहीं हुआ है, जबकि इस दौरान क्लस्टर मैचों के आयोजन से जुड़ी राशि बैंक खाते में आने का उल्लेख मिलता है।

🗣️ “मामले को देखने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा”: संजय पांडे

इस पूरे विवाद और शिकायतों के संबंध में जब जेएससीए के उपाध्यक्ष संजय पांडे से बातचीत की गई, तो उन्होंने कहा, “मैं शहर से बाहर था और आज ही रांची पहुँचा हूँ। पूरे मामले के दस्तावेजों को देखने और उसकी समीक्षा करने के बाद ही इस पर कुछ आधिकारिक प्रतिक्रिया दे पाऊँगा।” अब देखना यह होगा कि झारखंड राज्य क्रिकेट संघ और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

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