Power Plant Coal Supply: देश में ऊर्जा संकट से निपटने के लिए रेलवे की रफ्तार तेज, कोयला लदान में भारी उछाल

रायपुर: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के दौरान देश के थर्मल पावर प्लांटों को कोयले की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेलवे ने प्रतिदिन औसतन 430 कोयला रैक भेजे हैं। पिछले साल की इसी समान अवधि की तुलना में इस बार कोयला आपूर्ति में 7.1% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए रेलवे, कोयला मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय के साथ मिलकर बेहद प्रभावी ढंग से समन्वय स्थापित कर रहा है।
कोयला लदान में भारतीय रेलवे ने बनाया नया रिकॉर्ड
भारतीय रेलवे ने इस साल कोयला लदान के मामले में अब तक के सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। आगामी 18 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले कोयले के लदान में पूरे 22.5% का बंपर उछाल आया है। अकेले अक्टूबर महीने की तुलना करें तो इस बार प्रतिदिन 87 अतिरिक्त कोयला रैक गंतव्य तक रवाना किए गए हैं, जो देश भर के पावर प्लांट्स में निर्बाध सप्लाई बनाए रखने की रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बिजली की बढ़ती मांग और उत्पादन का दबाव
देश भर में बढ़ती बिजली की मांग और औद्योगिक उत्पादन में तेजी के बीच कोयले की खपत काफी बढ़ गई है। इसके अलावा कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में कम बारिश होने के कारण भी थर्मल पावर प्लांटों पर बिजली उत्पादन का दबाव बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने ढुलाई की रफ्तार को और तेज कर दिया है, ताकि किसी भी पावर प्लांट में ईंधन की कोई कमी न होने पाए। आंकड़ों के मुताबिक अकेले सितंबर माह में ही इसमें 14% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
मंत्रालयों के समन्वय से सुचारू बिजली उत्पादन
कोयले की इस बेरोकटोक और लगातार ढुलाई की वजह से देश के अधिकांश थर्मल पावर प्लांटों में कोयले का पर्याप्त स्टॉक सुरक्षित बना हुआ है। इसके परिणामस्वरूप पूरे देश में बिजली का उत्पादन बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चल रहा है। रेलवे प्रशासन केंद्रीय कोयला मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है ताकि परिवहन तंत्र में किसी भी तरह की बाधा न आए और देश की ऊर्जा जरूरतें समय पर पूरी होती रहें।





