ब्रेकिंग
Shiva Sharma Death Case: लखनऊ के कैफे संचालक शिवा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में बड़ा खुलासा, मॉडल श्रद... Bulandshahr ADM Judicial Death: बुलंदशहर के एडीएम न्यायिक भारत राम यादव का निधन, हार्ट अटैक और ब्रेन... IND-W vs ZIM-W 3rd T20: भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रनों से रौंदा, सीरीज पर 3-0 से कब्जा— हरमनप्रीत कौर... Salman Khan Security Increased: टाइगर श्रॉफ पर हमले के खुलासे के बाद सलमान खान की सुरक्षा सख्त, गैले... Saudi Arabia Death Penalty: सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को दी गई फांसी, मक्का की मस्जिद में... SBI Data Leak Alert: भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों का पर्सनल डेटा डार्क वेब पर लीक, मोबाइल नंबर और ए... Smart Gadgets for Daily Habits: बुरी आदतें छुड़ाने और लाइफस्टाइल सुधारने में मदद करेंगे ये 5 अनोखे ग... Karwa Chauth Vrat Rules: करवा चौथ पर चांद देखने के बाद कैसे खोलें व्रत? जानें चंद्रमा को अर्घ्य देने... Diabetes Diet Tips: डायबिटीज में ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए अपनाएं ये हेल्दी डाइट, एक्सपर्ट्स ने ... Cockroach Janata Party News: जेल में बंद CJP नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई की मांग, अभिजी...
खेल

‘विराट कोहली कप्तान के तौर पर सौरव गांगुली की राह पर चल रहे हैं, पर दोनों के बीच है बड़ा फर्क’

नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद का मानना है कि विराट कोहली ठीक उसी तरह के कप्तान हैं जैसे कि सौरव गांगुली थे। उन्होंने कहा कि विराट कोहली को भी कठिन परिस्थिति के दौरान ही टीम इंडिया की कप्तानी मिली थी और उन्होंने गांगुली की तरह से ही अपनी प्रेरणादायी लीडरशिप के दम पर टीम के कल्चर को पूरी तरह से बदल दिया।

सौरव गांगुली को मैच फिक्सिंग के ठीक बाद टीम इंडिया की कप्तानी दी गई थी जबकि विराट को साल 2014 में जब टेस्ट टीम की कप्तानी मिली तब ये टीम आइसीसी टेस्ट रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी। भारत के लिए 33 टेस्ट और 151 वनडे मैच खेलने वाले वेंकटेश प्रसाद ने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि विराट कोहली कप्तानी के मामले में सौरव गांगुली की लाइन पर ही हैं क्योंकि गांगुली को कप्तानी तब मिली थी जब टीम इंडिया काफी बुरे दौर से गुजर रही थी। वहीं इसके बाद गांगुली ने टीम को पूरी तरह से बदल दिया। मुझे लगता है कि इसके लिए जबरदस्त लीडरशिप क्वालिटी की जरूरत थी जो गांगुली में था।

प्रसाद ने कहा कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में भारत को टॉप पर पहुंचाने के लिए काफी मेहनत की है। उन्होंने अपनी टीम के लिए खूब रन बनाए और टीम को टेस्ट रैकिंग में टॉप पर पहुंचाया। टीम इंडिया टेस्ट रैंकिंग में टॉप पर इस साल की शुरुआत तक रहा। विराट की कप्तानी में टीम इंडिया की पेस गेंदबाजी आक्रमण में गजब का सुधार देखने को मिला और अब ये टीम विदेशों में भी मैच जीत रही है।

उन्होंने कहा कि सौरव गांगुली ने कभी भी मैदान पर अपनी भावनाओं को नहीं दिखाया। हमने उन्हें मैदान पर एक या दो बार ऐसा करते देखा है। वहीं विराट एक भावुक व्यक्ति के तौर पर नियंत्रित आक्रामकता के साथ सामने आते हैं। लोगों को ऐसा लगता है कि वो ओवर बोर्ड हो जाते हैं, लेकिन ये उनकी आक्रामकता है। विराट अपनी इन्हीं आक्रामकता की वजह से गेम में बने रहते हैं, इसकी वजह से ही वो खेल के बारे में सोचते हैं। विराट के बारे में ये साफ दिखता है, लेकिन वहीं गांगुली की आक्रामकता एक-दो मौको को छोड़कर कभी नहीं दिखी।

Related Articles

Back to top button