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कोविड टीकाकरण में निजी अस्पतालों को भी किया जा सकता है शामिल, 91 लाख से ज्‍यादा को लगाई गई वैक्‍सीन

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान में निजी क्षेत्र के अस्पतालों को भी शामिल किया जा सकता है, ताकि कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन दी जा सके। टीकाकरण अभियान की प्रगति को परखने के लिए प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्र की अधिकारियों के साथ बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में इस पर चर्चा की गई। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि टीकाकरण अभियान में अब तक वैक्सीन की 91 लाख से अधिक डोज लाभार्थियों को लगाई जा चुकी है

अगले महीने से 50 साल से अधिक उम्र वालों का टीकाकरण

अगले महीने से 50 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों और पहले से ही गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों का टीकाकरण शुरू होने वाला है। उससे पहले स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाने का काम पूरा करना है। इसको ध्यान में रखते हुए समीक्षा बैठक में टीकाकरण अभियान में निजी क्षेत्र के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को शामिल करने पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि, क्या फैसला हुआ, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

जल्‍द लॉन्‍च होगा को-विन का अपडेट वर्जन

आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने पीएम के प्रधान सचिव बताया कि को-विन प्लेटफार्म का अपडेट संस्करण जल्द ही लांच किया जाएगा। पहले संस्करण में पंजीकरण में आ रही दिक्कतों को दूर कर दिया गया है। टीका लगवाने के लिए लाभार्थियों को इसी एप पर खुद से अपना पंजीकरण करना होता है। बैठक में कैबिनेट सचिव, सचिव (स्वास्थ्य), सचिव (फार्माश्यूटिकल्स) और नेशनल स्वास्थ्य अधिकरण के सीईओ भी मौजूद थे।

अब तक 91 से ज्‍यादा लोगों को लगाई गई वैक्‍सीन 

वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव मनदीप भंडारी ने बताया कि देशभर में वैक्सीन की 91,86,757 डोज लाभार्थियों को दी जा चुकी है। लाभार्थियों में पहली डोज लेने वाले 61,79,669 और दूसरी डोज लेने वाले 3,42,116 स्वास्थ्यकर्मी और 2,66,4972 फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल हैं। फ्रंटलाइन वर्कर्स को दो फरवरी से टीका लगाया जा रहा है, इसलिए अभी उन्हें दूसरी डोज नहीं दी जा रही है। पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जा रही है। टीका लगाने के बाद अभी तक गंभीर या अत्यधिक गंभीर प्रतिकूल प्रभाव किसी में देखने को नहीं मिला है।

68.5 फीसद स्वास्थ्यकर्मियों को दी जा चुकी है पहली डोज 

भंडारी ने बताया कि को-विन एप पर पंजीकृत 68.5 फीसद स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की पहली डोज दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बुधवार को 1,87,527 लोगों को टीका लगाया गया। उन्होंने बताया कि टीका लगाए जाने के बाद अभी तक 37 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी है, जिनमें से 23 लोगों को अस्पताल से छुट्टी भी मिल चुकी है और दो लोगों का इलाज चल रहा है और 12 लोगों की मौत हुई है। टीका लगाने के बाद कुल 29 लोग की मौत हुई है, लेकिन 17 मौतें अस्पताल से बाहर हुई हैं। हालांकि, मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी भी मौत का संबंध कोरोना रोधी टीके से नहीं है।

40 देशों ने भारत से मांगा टीका

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि भारत से 40 देश कोरोना रोधी टीके की मांग कर रहे हैं। इनमें से 23 देशों को टीके की आपूर्ति भी की जा चुकी है। वह लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे।

सभी देशों तक टीका पहुंचाना बड़ी चुनौती : डब्ल्यूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहायक महानिदेशक डॉ. पीटर सिंगर ने कहा कि सभी देशों तक कोरोना रोधी टीका पहुंचाना इस की सबसे बड़ी चुनौती होगी। वह केरल में स्वास्थ्य पर आयोजित एक सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित कर रहे थे। राज्य सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सिंगर ने कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने में केरल और भारत सरकार के प्रयासों की सराहना भी की।

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