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पीएम मोदी को मिला सेरावीक ग्लोबल इनर्जी एंड इंवायरमेंट लीडरशिप अवार्ड, देशवासियों को लेकर कही यह बड़ी बात

नई दिल्ली। ऊर्जा संरक्षण में भारत में एक साथ कई मोर्चो पर अभियान शुरू करने और वैश्विक इनर्जी व पर्यावरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को सेरावीक ग्लोबल इनर्जी एंड इंवायरमेंट लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया। एक आनलाइन कार्यक्रम में उन्हें यह पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को पीएम मोदी ने संबोधित भी किया और इस पुरस्कार को भारत की संपूर्ण जनता को समर्पित करते हुए पर्यावरण संरक्षण में भारत की एक अग्रणी भूमिका निभाने की वचनबद्धता दोहराई।

मोदी ने कहा कि मैं पूरी नम्रता से यह पुरस्कार ग्रहण करता हूं और इसे भारत की जनता को समर्पित करता हूं। साथ ही मैं यह पुरस्कार पर्यावरण संरक्षण की भारत की महान परंपरा को समर्पित करता हूं। सदियों से भारतीय पर्यावरण संरक्षण के मामले में लीडर का काम करते रहे हैं। भारत की संस्कृति व प्रकृति एक दूसरे से बहुत ही गहरी जुड़ी हुई है। महात्मा गांधी को दुनिया का एक महान पर्यावरण संरक्षक बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर मानवता ने उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ी होती तो आज हमारे समक्ष जितनी समस्याएं हैं उतनी नहीं होती।

मोदी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दो रास्ते हैं। पहला रास्ता है कानून व नीतियां बना कर। इस संदर्भ में भारत सरकार की तरफ से उठाये गये कदमों का उन्होंने उदाहरण दिए जैसे अपारंपरिक ऊर्जा स्त्रोतों से बिजली बनाने की क्षमता में 36 फीसद का इजाफा करना, अप्रैल, 2020 से पूरे देश में ज्यादा इंधन बचाने वाले भारत-6 मानकों को लागू करना आदि। इस संदर्भ में उन्होंने सरकार की उस नीति का भी उल्लेख किया जिसके तहत देश की इकोनॉमी में गैस की हिस्सेदारी मौजूदा 6 फीसद से बढ़ा कर 15 फीसद करने पर जोर दिया जा रहा है।

पूरे देश मे एलपीजी इंधन का विस्तार करना और हाइड्रोजन मिशन व पीएम कुसम जैसी योजनाएं सरकार की पर्यावरण संरक्षण के तहत उठाए गए कदम का ही हिस्सा हैं। पीएम ने पर्यावरण संरक्षण के लिए दूसरा रास्ता व्यवहार में बदलाव को बताया। किसी भी चीज को बगैर सोचे समझ बर्बाद करना भारतीय परंपरा का हिस्सा नहीं है। लेकिन बड़े स्तर पर व्यवहार में बदलाव के लिए नए व किफायती तरीकों का ईजाद करना होगा।

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