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मानसून की दगाबाजी से सूखने लगी धान की फसल

बिलासपुर । मानसून की बेरुखी से छोटे किसान परेशान हैं, वहीं मध्यम व बड़े किसानों ने किसी तरह संसाधन जुटाकर मोटर पंप से पानी की व्यवस्था कर फसल बचाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। बुवाई के समय बारिश न होने से इलाके के किसान सिर पर हाथ धरे किस्मत को कोस रहे हैं। एक ओर जिन किसानों ने धान का थहरा कर दिया है, उनकी नर्सरी भी पानी के अभाव में सूखती जा रही है। किसान बारिश का इंतजार कर रहे है लेकिन बारिश नहीं हो रही है। कोरिया जिले में बारिश को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र अजिरमा के वैज्ञानिकों की आशंकाएं डराने वाली लगती हैं।

उन्होंने क्षेत्र के किसानों को सलाह दी है कि वह धान के रोपाई अभी निचली भूमि में ही करें, जबकि अगले 48 घंटे में पूरे जिले में बारिश की संभावना न के बराबर है। यदि कुछ क्षेत्रों में बारिश होगी भी तो वह बिल्कुल हल्की-फुल्की।

सावन आ गया है किंतु अब तक बहुत से किसान धान की नर्सरी नही बो पाए हैं। इस वर्ष हालात ऐसे हैं कि बारिश के पानी से खेत भर नहीं पाए है। जमीन सूखी पड़ी है, किसान बीज खरीद कर रखे हैं लेकिन बरसात हो नही रही है। खेती 20 दिन से अधिक पिछड गई है।

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