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केरल में एक बार फिर सामने आया ‘लव जिहाद’ का खतरा, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की मामले पर नजर

तिरुअनंतपुरम। केरल में एक बार फिर से ‘लव जिहाद’ का मुद्दा उभरकर सामने आ गया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने उन चार आइएस आतंकियों की बीवियों को भारत में वापस लेने से इन्कार कर दिया है जो अफगानिस्तान के इस्लामिक शासन में रहने के लिए अपने पति और बच्चों के साथ वहां गई थीं। सोनिया सबैस्टियन उर्फ आएशा, मेरिन जेकब उर्फ मेरिन, निमिषा नायर उर्फ फातिमा इसा और रफीला वर्ष 2016-18 के बीच इस्लामिक एस्टेट के खुरासन प्रांत में रहने गई थीं। विभिन्न हमलों में उनके पति मारे गए और इन महिलाओं ने वर्ष 2019 में अफगानिस्तान प्रशासन के समक्ष समर्पण कर दिया था।

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों के बड़े अफसरों समेत कई भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इन पूछताछ के बाद पाया इनके धर्मातरण के बाद इन्हें बेहद घातक किस्म का कट्टरपंथी बनाया गया है। इनका केरल में वापस आना राज्य के लिए बेहद घातक हो सकता है। जबकि बिंदू की मां ने इस मामले में सगाई का कोई हाथ ही नहीं है।

तस्करों से 20 लाख रपये की 150 ग्राम स्मैक जब्त, छह गिरफ्तार

स्मैक तस्करी के आरोप में रविवार को पुलिस ने उज्जैन के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे 150 ग्राम स्मैक भी बरामद की गई है। इसकी कीमत 20 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि सूचना मिली थी कि राजस्थान के प्रतापग़़ढ से एक बदमाश स्मैक लेकर आ रहा है। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे महाकाल ढाबे से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 150 ग्राम स्मैक बरामद की है।

पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह उज्जैन में गोपाल व शंकर, काला, अमन, वसीम व दो अन्य लोगों को स्मैक सप्लाई करता है। इस पर पुलिस ने बदमाश के माध्यम से ही गोपाल व शंकर को ¨चतामन रोड पर राज राजेश्वर आश्रम के समीप बुलाकर गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद काला, वसीम व अमन नामक बदमाशों को तोपखाना मल्टी से गिरफ्तार किया है। एक आरोपित को पुलिस ने राजीव रत्न कालोनी से भी पक़़डा है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों के कब्जे से 150 ग्राम स्मैक व चार पहिया वाहन बरामद किया है। देर रात तक कार्रवाई जारी थी।

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