ब्रेकिंग
MP Dairy Shifting Project: रतौना-हफसिली डेयरी प्रोजेक्ट में निगम का कड़ा एक्शन, जमा राशि भी की गई रा... Dr. Harisingh Gour University: स्टैनफोर्ड और एल्सेवियर की सूची में सागर यूनिवर्सिटी के 12 प्रोफेसर श... Ramanujganj Van Vatika: तीन महीने में पूरी होगी रामानुजगंज वन वाटिका की तस्वीर, ओपेन जिम और चिल्ड्रे... Raipur Health News: नवरात्रि उपवास में गरबा के साथ कैसे रखें सेहत का ख्याल? जानिए एनर्जी बढ़ाने के आ... Bhilai News: सीएम के कार्यक्रम में बच्चों को घंटों बैठाए रखने पर विवाद, कांग्रेस ने की कार्रवाई की म... Raipur Crime News: आमानाका थाना क्षेत्र में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, AIIMS का सिक्योरिटी गार्... Bastar Local Products: दंतेवाड़ा के जैविक चावल और वनोपज को मिली नई पहचान, महिला FPO ने शुरू किया ब्र... Kavirdha News: कवर्धा में किसानों का बड़ा आंदोलन खत्म, गन्ने का भाव बढ़कर हुआ 425 रुपये, सरकार ने मा... Kanker News: कांकेर के सीएएफ कैंप में अनोखी पहल, जवान रूपधर चौहान अपने हाथों से बना रहे हैं मां दुर्... Jagdalpur News: बस्तर बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन का बड़ा कदम, 25 करोड़ से अधिक की राहत राशि सीधे ख...
देश

एक भारत श्रेष्ठ भारत : गुजरात के प्रतिनिधिमंडल ने की जंगल सफारी समेत सिरपुर की सैर

रायपुर। एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के अंतर्गत गुजरात विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्यों एवं अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के लिए 29 अगस्त को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने कई जगहों पर भ्रमण करवाया। प्रतिनिधि मंडल ने सिरपुर, जंगल सफारी आदि जगहों का दौरा किया। इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने गुजरात विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प (बेल मेटल) से बनी कलाकृति स्मृति चिह्न के रूप में भेंट की।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की उपाध्यक्ष चित्रलेखा साहू, प्रबंध संचालक यशवंत कुमार, संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व विवेक आचार्य ने गुजरात विधानसभा के सदस्यों को स्मृति चिन्ह भेंट किया। गुजरात विधानसभा के सचिव डॉ. डीएम पटेल को छत्तीसगढ़ विधानसभा के सचिव चंद्रशेखर गंगराड़े ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।

उल्लेखनीय है कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत दोनों प्रदेशों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस कार्यक्रम में गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी के साथ सदस्य बृजेश मेर्जा, जिग्नेश कुमार सेवक, अश्विन भाई कोटवाल, गेनी बेन ठाकुर, डा. आशाबेन पटेल, निमिषा बेन सुतार, बाबू भाई पटेल, आनंद भाई चौधरी, राकेश भाई शाह, जगदीश विश्वकर्मा अतिरिक्त सचिव डॉ. एनएल वनकर, अवर सचिव प्रवीण प्रजापति, उप अनुभाग अधिकारी मनन देव भी उपस्थित रहे।

गुजरात का प्रतिनिधिमंडल जंगल सफारी भी गया

गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष और 11 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल 26 से 30 अगस्त तक छत्तीसगढ़ राज्य के प्रवास पर हैं। आज इस कार्यक्रम में गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष त्रिवेदी ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष अटल को प्रतीक चिह्न के रूप में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की प्रतिमा भेंट करते हुए उन्हें गुजरात भ्रमण का निमंत्रण दिया। इसके पूर्व प्रतिनिधि मंडल ने जंगल सफारी का भ्रमण किया, दोपहर भोजन के बाद पुरखौती मुक्तांगन, महंत घासीदास संग्रहालय और छत्तीसगढ़ हाट का भी भ्रमण किया गया। शाम को सीएम हाउस में गुजरात विधानसभा के सदस्यों की मुलाकात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ हुई।

इसके पूर्व 27 अगस्त को धार्मिक सांस्कृतिक नगरी राजिम स्थित राजीव लोचन मंदिर परिसर और महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के संगम में स्थित कुलेश्वर महादेव मंदिर का दर्शन व भ्रमण प्रतिनिधि मंडल को कराया गया। साथ ही पर्यटन स्थलों के प्राचीन इतिहास, पुरातत्त्व, पर्यटन और सांस्कृतिक परंपराओं से भी अवगत कराया गया। राजीव लोचन मंदिर के द्वार पर राजिम संस्कृत पाठशाला के विद्यार्थियों द्वारा शंखनाद और मंत्रोच्चार से अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। राजिम से प्रतिनिधिमंडल वल्लभाचार्य की जन्मस्थली प्रसिद्ध वैष्णव पीठ चंपारण्य पहुंचे और महाप्रभु की बैठकी, हवेली सहित चित्र संग्रहालय के दर्शन किए।

छत्तीसगढ़ के प्राचीन राजधानी सिरपुर भी पहुंचे प्रतिनिधिमंडल

प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ की प्राचीन राजधानी सिरपुर पहुंचे और वहां विश्व विख्यात लक्ष्मण मंदिर और संग्रहालय सहित उत्खनित स्थलों तिवरदेव विहार, सुरंगटीला पंचायतन शिव मंदिर का अवलोकन और गंधेश्वर शिव मंदिर का दर्शन किए। पुरातत्व व पर्यटन विभाग के अधिकारियों द्वारा राजिम व सिरपुर के इतिहास और पुरातत्व तथा छत्तीसगढ़ से गुजरात के प्राचीन संबंधों के विषय में जानकारी दी गई।

छत्तीसगढ़ की मुख्य नदी, महानदी के बारे के प्रमुखता से जानकारी के तहत उत्तर से पश्चिम दिशा और छत्तीसगढ़ व ओडिशा की संस्कृति को जोड़ते हुए राज्य के प्राचीन इतिहास, परंपरा, विभिन्न पुरातात्विक धरोहर, शिल्प कला, संग्रहालय परिसर स्थित धरोहर से राज्य के प्राचीनतम राज्य के पूरा वैभव की जानकारी प्राप्त कर प्रतिनिधि मंडल भाव विभोऱ हुआ।

Related Articles

Back to top button