हांफने लगी डायल 112, गंभीर मामलों तक भी नहीं पहुंच रही मदद

बिलासपुर। प्रदेश में किसी भी तरह की आपात स्थिति में पीड़ित को मदद पहुंचाने के लिए शुरु की गई डायल 112 की योजना संसाधनों के आभाव में नाकारा साबित हो रही है। गंभीर मामलों में भी पुलिस और डायल 112 की मदद लोगों को नहीं मिल पा रही है। गुरुवार की रात चाकू के हमले में घायल युवक को मदद नहीं मिल पाई। आखिरकार घायल को निजी वाहन से अस्पताल भेजा गया। घटना रात 12 बजे की है।
रतनपुर थाना क्षेत्र के लखराम में रात 12 बजे एक घायल युवक गांव के बाजार के पास पड़ा था। लोगों ने पास जाकर देखा तो युवक के गले में चोट के निशान थे। वहीं, युवक बेसुध था। इसके कारण उसके साथ हुई घटना के संबंध में पता नहीं चल पा रहा था। चोट के निशान से आशंका जताई जा रही थी कि युवक के गले में किसी ने धारदार हथियार से हमला किया है। आनन फानन में इसकी सूचना डायल 112 को दी गई। साथ ही इस संबंध में पुलिस कंट्रोल रूप को बताया गया
सूचना के एक घंटे बाद भी डायल 112 की ओर से कोई रिस्पांस नहीं मिला। इस बीच पुलिस की ओर से भी कोई मदद नहीं मिल पाई। आखिरकार एक निजी वाहन की मदद से घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डेढ़ घंटे बाद डायल 112 की ओर से काल कर घटना के संबंध में औपचारिक पूछताछ की गई। इसके बाद फोन कट कर दिया गया।
कई इवेंट का बनाया बहाना
बातचीत के दौरान कालर ने देरी का कारण पूछा। इस पर डायल 112 में तैनात जवान ने बताया कि क्षेत्र बड़ा होने के कारण समय पर नहीं पहुंचा जा सका। साथ ही कई सूचना और भी मिलने की बात कही गई। इस दौरान बताया गया कि कई सूचनाओं की तस्दीक की जानी बाकि है।





