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EWS कोटे के लिए आठ लाख रुपये आय की सीमा पर कायम: केंद्र ने SC से कहा

नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के तहत लाभ हासिल करने के लिए पारिवारिक आय की सीमा आठ लाख रुपये सालाना या इससे कम को कायम रखने के तीन सदस्यीय समिति की सिफारिश को स्वीकार करने का फैसला किया है। सरकार ने कहा कि समिति ने सिफारिश की है कि ईडब्ल्यूएस को परिभाषित करने के लिए परिवार का आय ‘‘ व्यवहारिक मापदंड” है और मौजूदा परिस्थिति में परिवार की आठ लाख रुपये तक वार्षिक आय ईडब्ल्यूएस तय करने के लिए तार्किक प्रतीत होता है।

नीट-पीजी प्रवेश के मामले में दाखिल हलफनामे में केंद्र ने कहा कि समिति ने अनुशंसा की है ‘‘केवल उन्हीं परिवारों को ईडब्लयूएस कोटे के तहत आरक्षण का लाभ मिले जिनकी पारिवारिक सालाना आय आठ लाख रुपये तक है।” केंद्र सरकार की ओर से शीर्ष अदालत में सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव आर सुब्रमण्यम ने हलफनामा दाखिल किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सम्मान के साथ बताना चाहता हूं कि केंद्र सरकार ने समिति की अनुशंसा को स्वीकार करने का फैसला किया है जिनमें मानदंडों को लागू करने की अनुशंसा भी शामिल है…।”

उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर विचार करने के लिए सरकार ने पिछले साल 30 नवंबर को एक समिति बनाई थी जिसमें पूर्व वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय, आईसीएसएसआर में सदस्य सचिव वीके मल्होत्रा और केंद्र के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल शामिल थे। केंद्र सरकार ने यह समिति अदालत को दिए आश्वासन के तहत बनाई थी जिसमें कहा गया था कि वह ईडब्ल्यूएस के तहत लाभ देने के मापदंडों पर पुनर्विचार करेगी।

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