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मध्यप्रदेश

ग्रामीणों ने छोड़ा अपना गांव, जंगल को बनाया आशियाना

आयोग ने मुख्य सचिव एवं गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव से एक माह में मांगा जवाब

 

बालाघाट
जिले के दूरस्थ वन ग्राम बोदालझोला के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिये तरस रहे हैं। यहां गांव तक पहंुचने के लिये पक्की सड़क भी नहीं है। गांव में विद्युत के खंबे तो लगे हैं लेकिन उनमें बिजली नहीं है। पेयजल की वर्षों से समस्या बनी हुई है। आलम यह है कि ग्रामीणों के आवेदन पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूरी में ग्रामीणों ने गांव और अपना घर छोड़कर जंगल को ही अपना नया आशियाना बना लिया है। विडम्बना देखिये कि मौजूदा समय में बेहद कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसी कडकडाती ठंड में झोपड़ी के अंदर और बाहर जलती आग के सहारे ग्रामीण अपनी रातें गुजार रहे हैं। जानकारी के अनुसार किरनापुर विकासखंड़ की ग्राम पंचायत बक्कर के अधीन वन ग्राम बोदालझोला में मूलभूत समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। चारों ओर से पहाड़ियों से घिरा होने और गांव तक पहुंचने के लिये पक्की सड़क भी न होने की वजह से यहां न तो प्रशासनिक पहुंच अधिक है और न ही जनप्रतिनिधि इस गांव तक पहंचते हैं। यहां के ग्रामीणों ने बताया कि समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर वे अपने पुश्तैनी गांव को छोड़कर जंगल में निवास कर रहे हैं। वर्ष 2017 में भी उन्होंने जंगल में शरण ली थी, लेकिन वन अमले ने उन्हें वहां से भी भगा दिया था। इस पर वे पुनः बोदालझोला पहुंचकर निवास करने लगे थे। उन्होंने बताया कि इस गांव तक एम्बुलेंस भी नहीं पहुंचती। हैंडपम्प मटमैला पानी देता है। और भी कई समस्याएं हैं इसलिये वे बोदालझोला गांव से विस्थापित होना चाहते हैं। इसके लिये कई बार आवेदन भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, अपर मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, गृह विभाग, मंत्रालय, भोपाल सहित कलेक्टर, बालाघाट एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, बालाघाट से एक माह में तथ्यात्मक जवाब मांगा है। आयोग ने इन अधिकारियों से यह भी पूछा है कि एकीकृत कार्ययोजना (आईएपी) में बालाघाट जिले के लिये इन सभी विकास कार्यों के लिये गत् पांच वर्षों में कितना बजट आवंटित हुआ और यह भी कि गत् पांच वर्षों में इस जिले में क्या-क्या विकास कार्य हुये, विशेष रूप से अखबार में प्रकाशित हुये समाचार में बताये गये गरीब परिवारों के लिये ?

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