ब्रेकिंग
CJP प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने वाले जुनैद मलिक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट! पुलिस पर प्रताड़ना और परिजन... NEET पेपर लीक पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का अनोखा प्रदर्शन, सिर पर पट्टी और हाथ में लाठी लेकर पहुं... 'NEET के छात्रों से ऐंठे जाते हैं ₹1.32 लाख करोड़'; सार्वजनिक परीक्षा विधेयक 2026 पर बहस के दौरान प्... शिर्डी में गुरु पूर्णिमा उत्सव का आगाज! MP और गुजरात के भक्तों ने बाबा के चरणों में न्यौछावर किए लाख... दिल्ली में महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2500! 'लक्ष्मी योजना' को कैबिनेट की मंजूरी, रक्षाबंधन पर आएग... सिर में नक्सलियों की गोली फंसी होने के बाद भी रोज लगा रहे 10 KM दौड़, पढ़ें हॉक फोर्स के जांबाज शिवक... फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों का हंगामा! बिजली, शौचालय व पेयजल की मांग को लेकर सड़क पर उ... IIT दिल्ली से घर बैठे सीखें AI और डेटा साइंस! सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू, जानें अप्लाई क... मसूरी-देहरादून मार्ग पर भारी भूस्खलन! मैगी पॉइंट के पास रेस्टोरेंट हुआ क्षतिग्रस्त, घंटों ठप रहा ट्र... छात्र प्रदर्शनों पर लाठीचार्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश! निर्दोषों को तुरंत रिहा करने के ...
महाराष्ट्र

ईडी के सामने अनिल देशमुख ने माना अधिकारियों के ट्रांसफर के लिए बनाया जाता था दबाव

नई दिल्ली । महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने  ईडी के अधिकारियों को बताया कि राज्य मंत्री और शिवसेना नेता अनिल परब ने उन्हें एक लिस्ट दी थी, जिसमें उन अधिकारियों के नाम थे जिनका ट्रांसफर किया जाना था। उन्होंने कहा कि यह पूरी सूची अनाधिकारिक थी। अनिल देशमुख पिछले साल 2 नवंबर से न्यायिक हिरासत में हैं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी उनसे पूछताछ कर रही है। जब देशमुख का दूसरा बयान रेकॉर्ड किया जा रहा था तो उनसे ट्रांसफर सूची के बारे में पूछा गया। देशमुख ने कन्फर्म किया कि महाराष्ट्र सरकार के मंत्री अनिल परब की तरफ से ही एक सूची मिली थी। इसके अलावा कोई लिस्ट नहीं दी गई। देशमुख ने बताया कि जो लिस्ट अनिल परब से मिली थी वह अनौपचारिक थी और इसपर किसी के भी हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि परब को यह सूची शिवसेना के विधायकों और पार्षदों से मिली हो जो कि उन्होंने मेरे पास भेज दी। ईडी ने देशमुख से पूछा कि क्या उस अनाधिकारिक सूची को ही आधिकारिक बना दिया गया? इस पर उन्होंने कहा, यह लिस्ट अडिशनल चीफ सेक्रटरी को सौंप दी गई थी और कहा गया था कि नियमों को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए जाएं। देशमुख ने यह भी दावा किया कि एसीएस होम से कहा गया था कि इस बारे में पुलिस एस्टेब्लिशमेंट बोर्ड से भी चर्चा की जाए और अगर नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो इसे रिजेक्ट कर दिया जाए।  बता दें कि सचिन वझे ने आरोप लगाया था कि 10 डीसीपी का ट्रांसफर वापस लेने के लिए अनिल परब और देशमुख ने 20 करोड़ रुपये लिए थे। ये ट्रांसफर ऑर्डर पूर्व कमिश्नर ऑफ पुलिस परमबीर सिंह की तरफ से जारी किए गए थे।
 

Related Articles

Back to top button