ब्रेकिंग
NEET Student Suicide: मऊगंज की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखी भविष्य की चि... MPPL 2026: रजत पाटीदार की ग्वालियर चीताज को मिली करारी हार; उज्जैन फाल्कंस ने 92 रनों से जीता मुकाबल... Israel-Lebanon Ceasefire News: इजराइल-लेबनान सीजफायर पर सहमति, हिज्बुल्लाह को लितानी नदी से हटने के ... Gold and Silver Price Hike: सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल; जानें दिल्ली-मुंबई में क्या हैं आज के न... Purushottam Maas Guruvar: पुरुषोत्तम मास में गुरुवार का विशेष संयोग; भगवान विष्णु की कृपा पाने के अच... Dehydration Tips: गर्मी में कमजोरी और दस्त से बचने के लिए घर पर तैयार करें ORS, जानें सही तरीका Delhi Malviya Nagar Hotel Fire: मालवीय नगर होटल अग्निकांड में 21 की दर्दनाक मौत; मां की बहादुरी ने ब... Lalit Modi Interview: ललित मोदी ने 'भगोड़ा' होने के आरोपों को नकारा; कहा- "मुझे किसी को कुछ साबित कर... DK Shivakumar First Decisions: कर्नाटक के सीएम डी.के. शिवकुमार का बड़ा धमाका; बेंगलुरु की सड़कों के ल... Amarnath Yatra Helicopter Service Banned: अमरनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा पर रोक, केदारनाथ-बद्र...
देश

केंद्र ने राज्यों से तिलहनों, तेल पर स्टॉक की सीमा के आदेश को लागू करने को कहा

तिलहनों के मामले में खुदरा कारोबारियों के लिए भंडारण की सीमा 100 क्विंटल और थोक व्यापारियों के लिए 2000 क्विंटल है। खाद्य तिलहनों के प्रसंस्करणकर्ता 90 दिन के खाद्य तेलों के उत्पादन के बराबर तिलहनों का स्टॉक रख पाएंगे।

नई दिल्ली, पीटीआइ। खाद्य तेल और तिलहनों की कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र ने राज्यों से इन जिंसों पर भंडारण की सीमा के आदेश को लागू करने को कहा है। एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई। केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे आपूर्ति श्रृंखला और व्यापार को बाधित किए बिना इस आदेश को लागू करें।

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने तीन फरवरी को खाद्य तेलों और तिलहनों पर भंडार सीमा को तीन महीने यानी 30 जून तक बढ़ाने का आदेश दिया था। आदेश में भंडारण की सीमा का भी उल्लेख था। मंत्रालय ने मंगलवार को सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के साथ इस योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य/संघ शासित प्रदेश स्टॉक सीमा के आदेश को लागू करें। लेकिन इस आदेश को लागू करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि आपूर्ति श्रृंखला और कारोबार में किसी तरह की अड़चन न आने पाए।’

बयान में कहा गया है कि इस कदम से अनुचित व्यवहार मसलन जमाखोरी, कालाबाजारी पर रोक लगेगी। राज्यों को खाद्य तेलों के मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मूल्य परिदृश्य के बारे में भी बताया। राज्यों को इस बात की जानकारी दी गई कि अंतरराष्ट्रीय कीमतें किस तरह से भारतीय बाजार को प्रभावित कर रही हैं। खाद्य तेलों के मामले में खुदरा कारोबारियों के लिए भंडारण की सीमा 30 क्विंटल है। थोक व्यापारियों के लिए यह 500 क्विंटल, थोक उपभोक्ताओं की खुदरा दुकानों मसलन बड़ी श्रृंखला और रिटेलर के लिए यह सीमा 30 क्विंटल और उनके डिपो के लिए 1,000 क्विंटल है। खाद्य तेलों के प्रसंस्करणकर्ता अपनी भंडारण क्षमता के 90 दिन के बराबर का स्टॉक रख सकते हैं।

वहीं तिलहनों के मामले में खुदरा कारोबारियों के लिए भंडारण की सीमा 100 क्विंटल और थोक व्यापारियों के लिए 2,000 क्विंटल है। खाद्य तिलहनों के प्रसंस्करणकर्ता 90 दिन के खाद्य तेलों के उत्पादन के बराबर तिलहनों का स्टॉक रख पाएंगे। इस आदेश के दायरे से निर्यातकों और आयातकों को कुछ शर्तों के साथ बाहर रखा गया है।

Related Articles

Back to top button