ब्रेकिंग
Ladakh Pashmina at Fashion Week: चांगथांग समुदाय की मेहनत और पश्मीना की अनूठी कला, दिल्ली के 'द ताज'... Ladakh New District Sankoo: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को मिला एक और नया जिला, सांकू बना आठवां जिला Mahua Moitra Circuit House Case: सुप्रीम कोर्ट ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा को दी राहत, सर्किट हाउस में... CAQM Strict Guidelines Delhi NCR: दिल्ली-NCR की प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरियों पर शिकंजा, 30 नवंबर त... Amit Kashyap Murder Case: मेरठ के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी और उसके प्रेमी को फांसी की स... Muzaffarnagar Priest Murder Case: बेटा होने की भविष्यवाणी गलत साबित होने पर 81 वर्षीय पुजारी की गोली... Mumbai Goregaon News: मुंबई के गोरेगांव में 18 महीने की मासूम की छठी मंजिल से गिरकर मौत, 10 साल की प... बिहार की राजनीति में हलचल, विधायक अनंत सिंह बोले- जब नीतीश कुछ नहीं थे, तब हमने पार्टी के लिए कुर्बा... Lucknow Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ के चर्चित शिवा मर्डर केस में बड़ा खुलासा, नेपाल से वीडियो जार... Naturopathy Treatment: प्राकृतिक चिकित्सा से रोगों का निदान, बिना दवा के स्वस्थ रहने की कला
मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री चौहान ने लगाए सप्तपर्णी और मौलश्री के पौधे

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज स्मार्ट उद्यान में सप्तपर्णी और मौलश्री के पौधे लगाए। माचिस के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश देने वाले, तीन बार के लिम्का बुक रिकॉर्ड होल्डर माचिस मेन श्री सुनील भट्ट ने भी इस अवसर पर पौध-रोपण किया।

आगा क्लब के श्री सुनील भट्ट के साथ श्री विमल साहू और श्री मनोज बुद्धि राजा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। श्री सुनील भट्ट के पास स्वच्छता और पर्यावरण विषय सहित अन्य प्रकार की 250 से अधिक माचिसों का संग्रह है। वे इन माचिसों की प्रदर्शनी से स्वच्छता तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए अब तक 105 प्रदर्शनियाँ आयोजित कर चुके हैं। भेल में सब एडिशनल इंजीनियर के पद पर कार्यरत श्री भट्ट ‘माचिस मेन’ के नाम से प्रसिद्ध है। वर्ष 2018 में टीवी कार्यक्रम “कौन बनेगा करोड़पति” में भी इनके कार्य की सराहना हुई है।

आगा क्लब पौध-रोपण के साथ-साथ स्वच्छता सहित प्लास्टिक और पन्नी मुक्त अभियान का भेल क्षेत्र में संचालन कर रहा है। आगा क्लब वरिष्ठ नागरिकों के लिए गतिविधियाँ संचालित करने के साथ ही खेलकूद, स्वास्थ्य, सुरक्षा और नशा-मुक्ति के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं।

पौधों का महत्व

मौलश्री को संस्कृत में केसव, हिन्दी में मोलसरी या बकूल भी कहा जाता है। यह औषधीय महत्व का वृक्ष है, जिसका सदियों से आयुर्वेद में उपयोग होता आ रहा है। सप्तपर्णी का पौधा सदाबहार औषधीय वृक्ष है, जिसका आयुर्वेद में बहुत महत्व है। इस पौधे का उपयोग विभिन्न औषधियों के निर्माण में किया जाता है।

Related Articles

Back to top button