Indore Water Crisis Meeting: इंदौर में जल संकट पर बुलाई गई बैठक से गायब रहे कई विधायक, बीजेपी नेताओं ने जताई नाराजगी

इंदौर: शहर में इस बार कम बारिश के चलते अभी से जल संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस अल्पवर्षा से उपजे गंभीर जल संकट से निपटने के लिए गुरुवार को एआईसीटीएसएल (AICTSL) कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। इस मीटिंग में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव तो मौजूद रहे, लेकिन शहर के नौ में से 5 विधायकों ने इस बैठक में शामिल होना जरूरी नहीं समझा। जब इस मामले में विधायकों से प्रतिक्रिया ली गई, तो अधिकांश का यह कहना था कि उनके क्षेत्रों में जल संकट और गंदे पानी की समस्या पिछले कई सालों से लगातार बनी हुई है, और बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ऐसे में केवल औपचारिकता पूरी करने वाली ऐसी बैठकों में जाने का कोई औचित्य नहीं है।
🗣️ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान और विधायक मालिनी गौड़ का तीखा पलटवार
गुरुवार को हुई इस बैठक के बाद जब नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से आधे विधायकों के गायब रहने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “त्योहारों का समय चल रहा है। हो सकता है कि जो विधायक बैठक में नहीं आए हैं, उनके विधानसभा क्षेत्रों में पानी की कोई समस्या न हो। विधायक बैठक में क्यों नहीं आए, इस बारे में वे खुद ही बता सकते हैं, मैं इस पर क्या कहूँ।”
मंत्री के इस बयान के सामने आने के बाद शुक्रवार को भाजपा विधायक मालिनी गौड़ ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जब जनप्रतिनिधियों और जनता के काम ही नहीं होते हैं, तो ऐसी बैठकों में जाने का क्या मतलब रह जाता है? उन्होंने नगर निगम के कामकाज पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में नल-जल योजना के तहत पानी की टंकी तो बनकर तैयार हो गई है, लेकिन आज तक पाइपलाइन की डिस्ट्रीब्यूशन लाइन नहीं बिछाई गई है। कई इलाकों में गंदा पानी आ रहा है तो कई जगहों पर पानी की एक बूंद भी नहीं पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर वे कई बार मंत्री, महापौर और निगम अधिकारियों से मिल चुकी हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला। जब एक विधायक की ही सुनवाई नहीं हो रही है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वे जल्द ही इस पूरे मामले को उचित मंच पर मुख्यमंत्री के सामने रखेंगी। बैठक में मालिनी गौड़ के अलावा विधायक मनोज पटेल, गोलू शुक्ला, उषा ठाकुर और तुलसी सिलावट भी शामिल नहीं हुए थे।
⚠️ बैठक में पहुँचे विधायक भी व्यवस्था से दिखे नाखुश
ऐसा नहीं है कि इस बैठक में शामिल होने वाले विधायक संतुष्ट थे; बैठक में पहुँचे अन्य विधायकों ने भी खुलकर अपनी परेशानियां और नाराजगी जाहिर की:
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विधायक रमेश मेंदोला: उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र की पानी की टंकी केवल आधी ही भर पाती है और उसके बाद टैंकर भरने लगते हैं, जिसकी वजह से नलों के जरिए नियमित पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
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विधायक मधु वर्मा: उनका कहना है कि उनके क्षेत्र में जलापूर्ति के समय लोग अपने घरों के बाहर बड़ी-बड़ी मोटरें लगाकर सारा पानी खींच लेते हैं, जिनके खिलाफ नगर निगम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
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विधायक महेंद्र हार्डिया: उन्होंने पानी की घटती भूजल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि 400 फीट बोरिंग करने के बाद भी ढाई सौ फीट तक केवल पाइप और मोटर डालने की नौबत आ रही है। यह समस्या हर जगह बनी हुई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।




